राजस्थान में नवरात्रि 2026: संक्षिप्त उत्तर
शारदीय नवरात्रि 2026 रविवार, 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी, और इसी दिन सुबह घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाएगी। राजस्थान में घटस्थापना का मुहूर्त जयपुर में सुबह 6:24 से 10:17, जोधपुर में 6:35 से 10:28, उदयपुर में 6:31 से 10:25, कोटा में 6:23 से 10:16 और बीकानेर में 6:35 से 10:27 तक है। सुबह का मुहूर्त छूट जाए तो अभिजीत मुहूर्त (जयपुर में दोपहर 11:50 से 12:37) में घटस्थापना करें। प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर रात 9:19 से 11 अक्टूबर रात 9:30 तक रहेगी।
| शहर | घटस्थापना मुहूर्त | अवधि | अभिजीत मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| जयपुर | सुबह 6:24 – 10:17 | 3 घंटे 53 मिनट | 11:50 – 12:37 |
| जोधपुर | सुबह 6:35 – 10:28 | 3 घंटे 53 मिनट | 12:01 – 12:48 |
| उदयपुर | सुबह 6:31 – 10:25 | 3 घंटे 54 मिनट | 11:58 – 12:45 |
| कोटा | सुबह 6:23 – 10:16 | 3 घंटे 54 मिनट | 11:50 – 12:37 |
| बीकानेर | सुबह 6:35 – 10:27 | 3 घंटे 52 मिनट | 12:00 – 12:47 |
समय दृक् पंचांग गणना पर आधारित हैं। अजमेर, भीलवाड़ा, अलवर, सीकर जैसे अन्य शहरों के लिए [आज का पंचांग](/panchang) देखें — इनका समय ऊपर के निकटतम शहर से कुछ ही मिनट अलग होगा।
राजस्थान के शहरों में समय अलग क्यों?
तिथि पूरे देश में एक ही क्षण शुरू और समाप्त होती है — 2026 में प्रतिपदा 10 अक्टूबर रात 9:19 से 11 अक्टूबर रात 9:30 तक है। लेकिन घटस्थापना का मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है — सूर्योदय के बाद दिन का पहला एक-तिहाई भाग घटस्थापना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। राजस्थान पूर्व में धौलपुर-भरतपुर से पश्चिम में जैसलमेर-बाड़मेर तक लगभग आठ देशांतर में फैला है। इसलिए कोटा और जयपुर में सूर्योदय जोधपुर-बीकानेर से लगभग 10–12 मिनट पहले होता है, और पश्चिमी शहरों का मुहूर्त भी उतना ही देर से शुरू होता है। जैसलमेर और बाड़मेर में यह समय जोधपुर से भी कुछ मिनट बाद होगा।
11 अक्टूबर को घटस्थापना क्यों?
घटस्थापना आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को सुबह की जाती है, जब सूर्योदय के समय प्रतिपदा हो। 2026 में प्रतिपदा 10 अक्टूबर की रात से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात तक है, इसलिए 11 अक्टूबर का पूरा दिन प्रतिपदा में है। शास्त्रों में चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग में घटस्थापना वर्जित बताई गई है; दृक् पंचांग में घटस्थापना मुहूर्त निकालते समय इन नियमों का ध्यान रखा जाता है। 11 अक्टूबर रविवार है, और रविवार का राहुकाल दिन के अंतिम भाग (शाम) में होता है, इसलिए सुबह की घटस्थापना पर उसका कोई प्रभाव नहीं है। विस्तार से — नवरात्रि 2026 घटस्थापना मुहूर्त।
नवरात्रि 2026 की मुख्य तारीखें
| तारीख | पर्व |
|---|---|
| रविवार, 11 अक्टूबर | घटस्थापना, मां शैलपुत्री |
| सोमवार, 19 अक्टूबर | दुर्गा अष्टमी (अष्टमी सुबह 10:51 तक), फिर नवमी |
| मंगलवार, 20 अक्टूबर | नवमी दोपहर 12:50 तक, नवरात्रि पारण, दशहरा |
2026 में एक तिथि का क्षय होने से अष्टमी और नवमी लगभग एक ही दिन (19 अक्टूबर) पड़ रही हैं। कन्या पूजन अपनी कुल परंपरा के अनुसार 19 अक्टूबर (अष्टमी) या 20 अक्टूबर की सुबह (नवमी, 12:50 से पहले) करें। पूरी सूची — शारदीय नवरात्रि 2026 कब से है?
राजस्थानी परंपरा में घटस्थापना
राजस्थान के कई घरों में घटस्थापना के साथ जवारे (जौ) बोने की परंपरा विशेष रूप से निभाई जाती है:
- 1मिट्टी के चौड़े पात्र में खेत या बगीचे की साफ मिट्टी बिछाएं और उसमें जौ बोएं।
- 2इसके बीच में जल से भरा मिट्टी या तांबे का कलश रखें — उसमें गंगाजल, सुपारी, सिक्का, अक्षत और दूर्वा डालें।
- 3कलश के मुख पर आम या अशोक के पांच पत्ते रखकर लाल चुनरी में लिपटा नारियल स्थापित करें।
- 4मां दुर्गा का आवाहन करें और अखंड ज्योत जलाएं — राजस्थान में कई परिवार नौ दिन तक घी की अखंड ज्योत रखते हैं।
- 5जवारों में रोज़ थोड़ा जल डालें; नवमी या दशहरे पर इन्हें मंदिर या जलाशय में विसर्जित करते हैं, और कुछ जवारे पगड़ी या कान पर लगाकर शुभ माने जाते हैं।
पूरी विधि — घर पर कलश स्थापना कैसे करें?
राजस्थान के प्रमुख शक्तिपीठ और देवी मंदिर
नवरात्रि में राजस्थान के इन मंदिरों में विशेष दर्शन और मेले होते हैं:
- •शिला माता, आमेर (जयपुर): आमेर किले में स्थित कच्छवाहा राजवंश की कुलदेवी; नवरात्रि में यहां लंबी कतारें लगती हैं।
- •चामुंडा माता, मेहरानगढ़ (जोधपुर): राठौड़ राजवंश की आराध्य देवी, किले के भीतर स्थित।
- •करणी माता, देशनोक (बीकानेर): बीकानेर राजघराने की कुलदेवी, जहां काबा (चूहों) को पवित्र माना जाता है।
- •जीण माता (सीकर): अरावली की पहाड़ियों में स्थित; नवरात्रि में विशाल मेला।
- •तनोट माता (जैसलमेर): भारत-पाक सीमा के निकट, सीमा सुरक्षा बल द्वारा संचालित प्रसिद्ध मंदिर।
- •कैला देवी (करौली) और शाकंभरी माता (सांभर) भी प्रमुख आस्था केंद्र हैं।
भीड़ को देखते हुए दर्शन के लिए सुबह जल्दी जाएं और मंदिर प्रशासन के निर्देश मानें।
कोटा, उदयपुर और जयपुर की नवरात्रि
- •कोटा: नवरात्रि के साथ ही प्रसिद्ध राष्ट्रीय दशहरा मेले की तैयारियां और कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं, जिसका चरम दशहरे के दिन रावण दहन होता है।
- •उदयपुर और बांसवाड़ा-डूंगरपुर: गुजरात से सटे इन क्षेत्रों में गरबा और डांडिया की धूम रहती है।
- •जयपुर: शहर के दुर्गा पूजा पंडाल, रामलीलाएं और आमेर-मोती डूंगरी क्षेत्र के मंदिरों में भीड़ रहती है।
घटस्थापना की सामग्री सूची
- •मिट्टी का चौड़ा पात्र और साफ मिट्टी, जौ (जवारे के लिए)
- •तांबे या मिट्टी का कलश, गंगाजल, साफ जल
- •सुपारी, सिक्का, अक्षत, हल्दी की गांठ, दूर्वा
- •आम या अशोक के पांच पत्ते
- •जटा वाला नारियल, लाल चुनरी, कलावा
- •मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र, लाल कपड़ा, चौकी
- •रोली, कुमकुम, सिंदूर, लाल फूल, माला
- •अखंड ज्योत के लिए बड़ा दीपक, गाय का घी, रुई की बत्ती
- •धूप, कपूर, फल, मिठाई, पान, लौंग, इलायची
- •दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा
पूरी सूची — नवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट 2026।
अखंड ज्योत के नियम
राजस्थान के बहुत से घरों में नवरात्रि के नौ दिन अखंड ज्योत जलाने की परंपरा है। ध्यान रखें:
विस्तार से — नवरात्रि अखंड ज्योत के नियम।
राजस्थान में कन्या पूजन और लांगुरिया
राजस्थान में अष्टमी या नवमी पर नौ कन्याओं के साथ एक बालक को "लांगुरिया" (भैरव या हनुमान का रूप) मानकर पूजा जाता है। कन्याओं के पैर धोकर, तिलक लगाकर, हलवा-पूरी-चने का भोजन कराकर और दक्षिणा देकर विदा किया जाता है। 2026 में अष्टमी 19 अक्टूबर को और नवमी 20 अक्टूबर की सुबह (12:50 तक) है। विधि — कन्या पूजन अष्टमी या नवमी?
सारांश
राजस्थान में नवरात्रि 2026 की घटस्थापना रविवार, 11 अक्टूबर को अपने शहर के मुहूर्त में करें — जयपुर 6:24–10:17, जोधपुर 6:35–10:28, उदयपुर 6:31–10:25, कोटा 6:23–10:16 — या अभिजीत मुहूर्त में। दशहरे का विजय मुहूर्त — राजस्थान में दशहरा 2026 विजय मुहूर्त।
जय माता दी!



