नवरात्रि पूजा सामग्री 2026: संक्षिप्त उत्तर
नवरात्रि 2026 (11 से 20 अक्टूबर) के लिए सामग्री को सात समूहों में तैयार करें: (1) कलश स्थापना सामग्री — मिट्टी का पात्र, मिट्टी, जौ, कलश, आम के पत्ते, नारियल, लाल चुनरी, कलावा; (2) मां का आसन और श्रृंगार — चौकी, लाल कपड़ा, प्रतिमा या चित्र, सोलह श्रृंगार; (3) दैनिक पूजा सामग्री — रोली, अक्षत, फूल, धूप, दीपक, कपूर, भोग; (4) अखंड ज्योत — बड़ा दीपक, घी, बाती, चिमनी; (5) पाठ की पुस्तकें — दुर्गा सप्तशती, चालीसा; (6) हवन सामग्री; और (7) व्रत का भोजन और कन्या पूजन सामग्री। सारी खरीदारी शनिवार, 10 अक्टूबर तक पूरी कर लें, ताकि 11 अक्टूबर को घटस्थापना शांति से हो सके।
1. घटस्थापना / कलश स्थापना सामग्री
- •चौड़ा मिट्टी का पात्र (जौ बोने के लिए) और साफ मिट्टी
- •जौ — लगभग 250 ग्राम
- •तांबे, पीतल या मिट्टी का कलश
- •कलश ढकने के लिए ढक्कन या मिट्टी का सकोरा
- •गंगाजल
- •आम या अशोक के 5 पत्ते
- •जटा वाला नारियल
- •नारियल के लिए लाल चुनरी
- •कलावा (मौली)
- •सिक्का, साबुत सुपारी (2–3), हल्दी की गांठ
- •दूर्वा घास
- •सर्वौषधि और पंचरत्न (वैकल्पिक)
- •अक्षत (साबुत चावल)
चरणबद्ध विधि देखें — घर पर कलश स्थापना की पूरी विधि।
2. मां का आसन और सोलह श्रृंगार
- •लकड़ी की चौकी और लाल कपड़ा
- •मां दुर्गा की प्रतिमा या फ्रेम किया हुआ चित्र
- •मां के लिए लाल चुनरी या साड़ी
- •सोलह श्रृंगार: सिंदूर, बिंदी, काजल, मेहंदी, लाल चूड़ियां, मंगलसूत्र या हार, कर्णफूल (झुमके), नथ, मांग टीका, पायल, बिछिया, आलता (महावर), कंघी, दर्पण, इत्र और बालों के लिए गजरा
- •छोटा छत्र — वैकल्पिक
- •लाल फूलों की माला
सुहागिन महिलाएं अष्टमी या नवमी पर मां को अर्पित श्रृंगार सामग्री बाद में किसी सुहागिन को दान कर सकती हैं — इसे शुभ माना जाता है।
3. दैनिक पूजा सामग्री
- •रोली, कुमकुम, हल्दी, चंदन
- •अक्षत
- •ताज़े फूल (विशेषकर लाल गुड़हल, गुलाब, गेंदा) और मालाएं
- •पान के पत्ते और साबुत सुपारी
- •लौंग, इलायची
- •अगरबत्ती और धूप
- •कपूर
- •घी के छोटे दीपक और रुई की बत्तियां
- •पूजा की थाली, घंटी, शंख
- •पंचामृत के लिए: दूध, दही, घी, शहद, शक्कर
- •रोज़ के भोग के लिए फल, मिश्री, मेवे और मिठाई
- •लोटा और आचमनी
- •आसन (ऊन या कुश का)
- •माचिस
किस दिन कौन से फूल चढ़ाएं, यह जानने के लिए पढ़ें — नवरात्रि में मां दुर्गा को कौन से फूल चढ़ाएं?
4. अखंड ज्योत सामग्री
- •बड़ा अखंड दीया (पीतल या मिट्टी का, टंकी वाला)
- •शुद्ध गाय का घी — 10 दिनों के लिए लगभग 2–3 किलो (या तिल का तेल)
- •लंबी रुई की बत्तियां या कलावे की बाती
- •कांच की चिमनी या लैंप कवर
- •थाली या स्टैंड, और एक अतिरिक्त छोटा दीया
पूरे नियम पढ़ें — नवरात्रि में अखंड ज्योत कैसे जलाएं?
5. पाठ और मंत्र जाप सामग्री
- •दुर्गा सप्तशती पुस्तक (गीता प्रेस या समान)
- •दुर्गा चालीसा और आरती संग्रह
- •पुस्तक रखने का स्टैंड (व्यास पीठ) या लाल कपड़े वाली छोटी चौकी
- •रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला (108 मनके) और गोमुखी
पाठ के नियम देखें — दुर्गा सप्तशती पाठ के नियम और सही विधि।
6. हवन सामग्री (अष्टमी/नवमी)
- •हवन कुंड (तांबे, लोहे या ईंटों से बना)
- •आम की लकड़ी
- •तैयार हवन सामग्री का पैकेट
- •आहुति के लिए घी
- •काले तिल, जौ, चावल, शक्कर
- •गुग्गुल, कपूर, लोबान
- •पूर्णाहुति के लिए सूखा नारियल (गोला)
- •लाल कपड़ा और कलावा
- •नवग्रह समिधा (वैकल्पिक)
- •घी डालने के लिए स्रुवा (छोटी कलछी)
7. कन्या पूजन सामग्री
- •9 कन्याओं और 1 बालक के लिए थालियां, कटोरियां और गिलास
- •पैर धोने के लिए जल, परात और तौलिया
- •रोली, अक्षत, कलावा
- •लाल चुनरियां
- •हलवा, पूरी और काले चने की सामग्री
- •दक्षिणा और उपहार
पूरा मेन्यू और मात्रा देखें — कन्या पूजन भोग और सामग्री सूची।
8. व्रत की रसोई (9 दिन के उपवास के लिए)
- •कुट्टू, सिंघाड़ा और राजगिरा का आटा (ताज़ा और छोटे पैकेट में खरीदें)
- •सामक के चावल, साबूदाना, मखाना
- •सेंधा नमक, काली मिर्च, जीरा
- •आलू, शकरकंद, अरबी, कद्दू, लौकी
- •फल, दूध, दही, पनीर
- •मूंगफली, बादाम, काजू, किशमिश, खजूर
- •घी और मूंगफली का तेल
पूरी सूची देखें — नवरात्रि व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं।
नवरात्रि 2026 की खरीदारी का टाइमलाइन
| कब | क्या करें |
|---|---|
| 8–9 अक्टूबर तक | जल्दी खराब न होने वाली चीज़ें: कलश, चौकी, पुस्तकें, हवन कुंड, घी, दीपक, श्रृंगार, व्रत का सूखा सामान |
| 10 अक्टूबर (महालया) | ताज़ी चीज़ें: आम के पत्ते, नारियल, फूल, फल; रात में जौ भिगो दें |
| 11 अक्टूबर सुबह | ताज़े फूल और मालाएं; पूजा स्थल तैयार करें |
| प्रतिदिन | भोग के लिए ताज़े फूल और फल |
| 18 अक्टूबर | कन्या पूजन की सामग्री, उपहार, हवन सामग्री; 19 को पूजन हो तो रात में चने भिगोएं |
| 19 अक्टूबर रात | 20 को पूजन हो तो चने भिगोएं |
पूजा सामग्री का आध्यात्मिक अर्थ
हर पूजा सामग्री का अपना प्रतीकात्मक महत्व है। इसे समझकर पूजा करने से मन अधिक एकाग्र होता है:
- •रोली और कुमकुम: मंगल, सौभाग्य और शक्ति का प्रतीक। तिलक आज्ञा चक्र को जाग्रत करने का प्रतीक है।
- •अक्षत: 'अक्षत' यानी जो टूटा न हो — पूर्णता और अखंड समृद्धि का प्रतीक। इसीलिए टूटे चावल का प्रयोग नहीं होता।
- •कलावा (मौली): रक्षा सूत्र, जो देवताओं के संरक्षण और संकल्प के बंधन का प्रतीक है।
- •नारियल: इसे 'श्रीफल' कहते हैं। इसकी कठोर बाहरी परत अहंकार और भीतर का मीठा जल व गिरी शुद्ध अंतःकरण का प्रतीक है।
- •आम के पत्ते: हरियाली, जीवन और शुभता के प्रतीक; इसीलिए हर मांगलिक कार्य में आम के पत्तों का तोरण लगता है।
- •दीपक: अज्ञान के अंधकार को दूर करने वाला ज्ञान का प्रकाश।
- •धूप और कपूर: वातावरण की शुद्धि; कपूर बिना अवशेष के जलता है, जो अहंकार के पूर्ण विसर्जन का प्रतीक है।
- •घंटी और शंख: इनकी ध्वनि नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और मन को पूजा में केंद्रित करती है।
- •जौ: सृष्टि का पहला अन्न, वृद्धि और समृद्धि का प्रतीक।
संक्षिप्त प्रिंट-योग्य चेकलिस्ट
☐ मिट्टी का पात्र, मिट्टी, जौ ☐ कलश, गंगाजल, सिक्का, सुपारी ☐ आम के पत्ते, नारियल, लाल चुनरी ☐ कलावा, रोली, अक्षत, हल्दी ☐ चौकी, लाल कपड़ा, मां का चित्र ☐ सोलह श्रृंगार ☐ फूल, माला, धूप, कपूर ☐ घी, दीपक, बाती, चिमनी ☐ दुर्गा सप्तशती, माला ☐ हवन सामग्री, आम की लकड़ी, गोला ☐ कन्या पूजन सामग्री, उपहार, दक्षिणा ☐ व्रत की रसोई का सामान
कम बजट में न्यूनतम सामग्री से पूजा
यदि बजट सीमित है या आप पहली बार नवरात्रि पूजा कर रहे हैं, तो इन न्यूनतम वस्तुओं से भी पूरी श्रद्धा के साथ पूजा की जा सकती है:
- 1मां का एक चित्र और लाल कपड़ा
- 2मिट्टी का छोटा कलश या लोटा, जल और आम के पत्ते
- 3एक नारियल और लाल चुनरी
- 4थोड़ी सी मिट्टी और मुट्ठी भर जौ
- 5रोली, अक्षत, कलावा
- 6घी का एक दीपक और अगरबत्ती
- 7रोज़ के लिए कुछ फूल और मिश्री या फल का भोग
शास्त्रों में कहा गया है कि मां भाव की भूखी हैं — "पत्रं पुष्पं फलं तोयं" — यानी श्रद्धा से अर्पित एक पत्ता, फूल, फल या जल भी भगवान स्वीकार करते हैं। महंगी सामग्री से अधिक महत्वपूर्ण है नियम, शुद्धता और सच्ची भक्ति।
सामग्री खरीदते समय सावधानियां
- •घी: शुद्धता की जांच करें; मिलावटी घी अखंड ज्योत में धुआं और कालिख देता है।
- •कुट्टू का आटा: हमेशा ताज़ा और भरोसेमंद दुकान से, पैकिंग की तारीख देखकर खरीदें।
- •नारियल: हिलाकर देखें कि उसमें पानी हो; जटा पूरी हो।
- •कलश: दरार या जंग वाला न हो।
- •सिंदूर और कुमकुम: रसायन-मुक्त, प्राकृतिक उत्पाद चुनें।
किफायती और पर्यावरण-अनुकूल सुझाव
- •हर वर्ष नए बर्तन खरीदने के बजाय पीतल या तांबे के पात्रों का पुनः उपयोग करें।
- •मिट्टी की प्रतिमा और प्राकृतिक रंग चुनें।
- •स्थानीय फूल-विक्रेताओं से फूल खरीदें; उपयोग के बाद उन्हें नाली में फेंकने के बजाय खाद बना लें।
- •प्लास्टिक पैक किट के बजाय खुली सामग्री लें।
- •जौ के अंकुर और फूल विसर्जन के बाद गमलों में डाल सकते हैं।
सारांश
नवरात्रि 2026 की सामग्री आठ समूहों में तैयार करें — कलश स्थापना, मां का आसन और श्रृंगार, दैनिक पूजा, अखंड ज्योत, पाठ की पुस्तकें, हवन, कन्या पूजन और व्रत की रसोई। जल्दी खराब न होने वाली चीज़ें 9 अक्टूबर तक, ताज़ी चीज़ें 10 अक्टूबर को खरीद लें, और 11 अक्टूबर को पूरी तैयारी के साथ घटस्थापना करें। मुहूर्त जानने के लिए पढ़ें — नवरात्रि 2026 घटस्थापना मुहूर्त।
जय माता दी!



