
राजस्थान के प्रमुख धार्मिक त्योहार और उनके पंचांग के अनुसार दिन
राजस्थान के प्रमुख त्योहार पंचांग तिथि और 2026-27 की तारीखों सहित — गणगौर, तीज, शीतला अष्टमी, आखा तीज, रामदेवरा, पुष्कर मेला, दिवाली और प्रसिद्ध मेले।
तिथि, नक्षत्र, चौघड़िया, राहुकाल और शुभ मुहूर्त के खगोलीय गणित व आध्यात्मिक महत्व के प्रामाणिक संदर्भ लेख।
राजस्थान के प्रमुख त्योहार पंचांग तिथि और 2026-27 की तारीखों सहित — गणगौर, तीज, शीतला अष्टमी, आखा तीज, रामदेवरा, पुष्कर मेला, दिवाली और प्रसिद्ध मेले।


राजस्थान के प्रमुख त्योहार पंचांग तिथि और 2026-27 की तारीखों सहित — गणगौर, तीज, शीतला अष्टमी, आखा तीज, रामदेवरा, पुष्कर मेला, दिवाली और प्रसिद्ध मेले।

गणगौर पूजा 2027 की पूरी विधि: ईसर-गौर की स्थापना, सामग्री सूची, 22 मार्च से रोज़ का पूजन, सिंजारा, 9 अप्रैल की पूजा, कथा, भोग और विसर्जन।

गणगौर 2027 शुक्रवार 9 अप्रैल (चैत्र शुक्ल तृतीया) को है। तृतीया तिथि, 22 मार्च से गणगौर पूजन, 8 अप्रैल को सिंजारा, व्रत विधि और जयपुर-उदयपुर की सवारी।

दशहरा 2026 मंगलवार 20 अक्टूबर को। जयपुर (दोपहर 2:06–2:51), जोधपुर, उदयपुर, कोटा और बीकानेर का विजय मुहूर्त, दशमी तिथि, कोटा दशहरा मेला और राजस्थान की परंपराएं।

जयपुर में करवा चौथ 2026 गुरुवार 29 अक्टूबर को। चांद रात 8:28 पर, पूजा शाम 5:46–7:03, व्रत सुबह 6:34 से, साथ में जोधपुर, उदयपुर, कोटा और बीकानेर का चंद्रोदय।

सीकर में करवा चौथ 2026 गुरुवार 29 अक्टूबर को। चंद्रोदय रात 8:28, पूजा मुहूर्त शाम 5:48–7:05, व्रत सुबह 6:38 से रात 8:28 तक, चतुर्थी तिथि और शेखावाटी की परंपराएं

बीकानेर में दिवाली 2026 रविवार 8 नवंबर को। लक्ष्मी पूजा शाम 6:11–8:07, प्रदोष काल 5:48–8:25, दुकान पूजा 1:41–3:09, महानिशीथ काल और बीकानेर की परंपराएं।

उदयपुर में दिवाली 2026 रविवार 8 नवंबर को। लक्ष्मी पूजा शाम 6:15–8:13, प्रदोष काल 5:51–8:26, दुकान पूजा 1:36–3:07, महानिशीथ काल और मेवाड़ की परंपराएं।

जोधपुर में दिवाली 2026 रविवार 8 नवंबर को। लक्ष्मी पूजा शाम 6:15–8:12, प्रदोष काल 5:52–8:28, चोपड़ा पूजन दोपहर 1:40–3:10, महानिशीथ और सिंह लग्न का समय।

जयपुर में दिवाली 2026 रविवार 8 नवंबर को। लक्ष्मी पूजा शाम 6:03–7:59, प्रदोष काल 5:40–8:16, दुकान-ऑफिस पूजा, महानिशीथ काल और सिंह लग्न का समय।

शारदीय नवरात्रि 2026 रविवार 11 अक्टूबर से। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और बीकानेर का घटस्थापना मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, विधि और राजस्थान की परंपराएं।

करवा चौथ 2027 सोमवार 18 अक्टूबर को है। चंद्रोदय शाम 7:35 (दिल्ली), 7:45 (जयपुर), पूजा मुहूर्त 5:49–7:04, व्रत का समय, चतुर्थी तिथि और सूर्योदय पर तृतीया का नियम

धनतेरस 2027 बुधवार 27 अक्टूबर को है। पूजा मुहूर्त शाम 6:42–8:14 (दिल्ली), प्रदोष और वृषभ काल, त्रयोदशी तिथि, यम दीपदान, धन्वंतरि पूजा और क्या ख़रीदें।

दिवाली 2027 शुक्रवार 29 अक्टूबर को है। लक्ष्मी पूजा शाम 6:34–7:05 (दिल्ली), 5:46–7:05 (जयपुर), मुहूर्त छोटा क्यों है, और धनतेरस से भाई दूज तक पूरा 5 दिन का कैले

दशहरा 2027 शनिवार 9 अक्टूबर को है। विजय मुहूर्त दोपहर 2:05–2:52 (दिल्ली), 2:11–2:58 (जयपुर), दशमी और श्रवण नक्षत्र का समय, रावण दहन, शमी और शस्त्र पूजा विधि।

गणेश चतुर्थी 2027 शनिवार 4 सितंबर को है। गणपति स्थापना मुहूर्त सुबह 11:04–दोपहर 12:25 (दिल्ली), चंद्र दर्शन से बचने का समय, पूजा विधि और 14 सितंबर को विसर्जन।

जन्माष्टमी 2027 बुधवार 25 अगस्त को है। निशिता पूजा रात 12:01–12:45 (दिल्ली), मध्यरात्रि क्षण 12:23, अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र का समय, पारण और दही हांडी।

अक्षय तृतीया 2027 रविवार 9 मई को है। पूजा मुहूर्त सुबह 5:35–9:03 (दिल्ली), तृतीया तिथि, 8 मई से सोना खरीदने का समय, परशुराम जयंती, पूजा विधि और दान।

हनुमान जयंती 2027 मंगलवार 20 अप्रैल (चैत्र पूर्णिमा) को है। पूर्णिमा तिथि का समय, पूजा विधि, चोला चढ़ाने की विधि, मंत्र और दक्षिण भारत की हनुमान जयंती तिथियां।

राम नवमी 2027 गुरुवार 15 अप्रैल को है। मध्याह्न पूजा सुबह 11:04–दोपहर 1:38 (दिल्ली), जन्म क्षण दोपहर 12:21, नवमी तिथि, शहरवार समय, पूजा विधि और महत्व।

महाशिवरात्रि 2027 शनिवार 6 मार्च को है। निशीथ काल रात 12:07–12:57 (दिल्ली), चारों प्रहर की पूजा का समय, 7 मार्च को पारण, जयपुर का समय, पूजा विधि और व्रत के नियम

होली 2027: होलिका दहन रविवार 21 मार्च (दिल्ली शाम 6:33–8:55, जयपुर 6:38–9:00) और रंगों की होली 22 मार्च। भद्रा का समय, वैकल्पिक मुहूर्त, पूजा विधि और कथा।

नवरात्रि 2027: चैत्र नवरात्रि 7 अप्रैल से और शारदीय नवरात्रि 30 सितंबर से। घटस्थापना मुहूर्त, 9 दिनों का पूरा कैलेंडर, दुर्गा अष्टमी, नवमी और दशहरा की तारीख।

2027 के प्रमुख हिंदू त्योहार — तारीख, तिथि और मुख्य पूजा मुहूर्त सहित: शिवरात्रि, होली, नवरात्रि, राम नवमी, अक्षय तृतीया, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिव

हिंदू कैलेंडर 2027 महीनेवार — सभी त्योहार, व्रत, एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, संक्रांति और ग्रहण, तारीख और वार सहित (नई दिल्ली पंचांग के अनुसार)।

व्रत-त्योहारों की तारीख कैसे तय होती है — उदया तिथि का नियम और प्रदोष, मध्याह्न, अपराह्न, निशीथ व चंद्रोदय वाले अपवाद, 2026-27 के उदाहरणों सहित।

संकल्प में समय, स्थान, तिथि, नक्षत्र, गोत्र और नाम क्यों बोले जाते हैं — हर भाग का अर्थ, रिक्त स्थान वाला संस्कृत संकल्प प्रारूप, और गोत्र न पता हो तो क्या करें

प्रदोष व्रत क्या है, प्रदोष काल में त्रयोदशी से तारीख कैसे तय होती है, सोम, भौम और शनि प्रदोष के लाभ, पूजा विधि, और 2027 की सभी 25 प्रदोष तिथियां पूजा समय सहित।

संकष्टी चतुर्थी क्या है, विनायक चतुर्थी से अंतर, 2027 की सभी 12 संकष्टी तिथियां दिल्ली के चंद्रोदय सहित, अंगारकी चतुर्थी, पूजा विधि और व्रत कब खोलें।

पूर्णिमा क्या है, पूर्णिमा व्रत और स्नान-दान के दिन में अंतर, सत्यनारायण पूजा, चंद्र अर्घ्य, हर पूर्णिमा के पर्व और 2027 की पूरी पूर्णिमा सूची।

अमावस्या क्या है, इसका खगोलीय और आध्यात्मिक अर्थ, सोमवती, शनि और मौनी अमावस्या जैसे प्रकार, 2027 की पूरी अमावस्या सूची, पितृ तर्पण, और क्या करें-क्या न करें।

कार्तिक मास 2026 (26 अक्टूबर–24 नवंबर) के नियम — कार्तिक स्नान, दीपदान, तुलसी पूजा, भोजन, क्या न करें, और करवा चौथ से कार्तिक पूर्णिमा तक के पर्व।

कार्तिक पूर्णिमा (24 नवंबर 2026) पर दीपदान क्यों — त्रिपुरारी कथा, देव दीपावली, शास्त्रीय महत्व, दीपदान कहां और कैसे करें, कितने दीपक जलाएं और पर्यावरण के सुझाव

कार्तिक पूर्णिमा 2026 मंगलवार 24 नवंबर को है। पूर्णिमा तिथि, ब्रह्म मुहूर्त स्नान, दान सूची, सत्यनारायण पूजा, चंद्रोदय शाम 5:01, देव दीपावली और पुष्कर स्नान।

देवउठनी एकादशी (20 नवंबर 2026) पर शुभ कार्य — भगवान विष्णु को जगाना, तुलसी पूजा, दीपदान, दान, विवाह व गृह प्रवेश की शुरुआत, सरल उपाय और किन कामों से बचें।

तुलसी विवाह 2026 शनिवार 21 नवंबर (द्वादशी) को है। द्वादशी का समय, शाम का शुभ मुहूर्त, पूरी सामग्री सूची, मंत्रों सहित विवाह विधि और वृंदा की कथा।

देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी 2026 शुक्रवार 20 नवंबर को है। एकादशी तिथि, पारण 21 नवंबर दोपहर 1:11–3:18 (दिल्ली), वैष्णव तिथि, तुलसी विवाह और पूजा विधि।

11 नवंबर 2026 भाई दूज पर तिलक का सही समय — 12 शहरों का अपराह्न मुहूर्त, दिल्ली व जयपुर में राहुकाल, दोपहर ही क्यों, और मुहूर्त छूट जाए तो क्या करें।

10 नवंबर 2026 को घर पर अन्नकूट पूजा कैसे करें — तैयारी की समय-सारणी, भोग बनाने और सजाने का क्रम, मंत्र सहित अर्पण विधि, 11 और 21 व्यंजनों का सरल मेन्यू और प्रसा

गोवर्धन परिक्रमा क्यों — श्रीकृष्ण कथा, राधा कुंड और पूंछरी सहित 21 किमी मार्ग, नियम, परिक्रमा के प्रकार और 10 नवंबर 2026 की घरेलू परिक्रमा।

29 अक्टूबर 2026 को करवा चौथ का व्रत कब और कैसे खोलें — शहरवार चंद्रोदय, अर्घ्य के बाद पारण की चरणबद्ध विधि, पहले क्या खाएं, और चांद न दिखे तो क्या करें।

29 अक्टूबर 2026 करवा चौथ पर चांद को अर्घ्य देने की सही विधि — चंद्रोदय समय, जल में क्या मिलाएं, दिशा, मंत्र, छलनी की रस्म और बादल हों तो क्या करें।

करवा चौथ व्रत कथा — रानी वीरावती की पूरी कहानी, करवा और मगरमच्छ की कथा, द्रौपदी की कथा, और 29 अक्टूबर 2026 को कथा सुनने की सही विधि।

करवा चौथ की सरगी और व्रत खोलने के बाद क्या खाएं, किन चीज़ों से बचें, पानी की कमी से बचने के उपाय, और गर्भवती, मधुमेह व कामकाजी महिलाओं के लिए सुझाव।

करवा चौथ 2026 की पूरी सामग्री सूची — सरगी, करवा, पूजा की थाली, सोलह श्रृंगार, छलनी, अर्घ्य की सामग्री, सास के लिए बायना और खरीदारी की समय-सारणी।

29 अक्टूबर 2026 की करवा चौथ पूजा की पूरी विधि — सरगी, संकल्प, शाम की गौरी-गणेश पूजा, करवा बदलना, कथा, छलनी से चंद्र दर्शन, अर्घ्य और व्रत पारण।

करवा चौथ 2026 (29 अक्टूबर) पर 20 शहरों में चंद्रोदय — जयपुर 8:28, दिल्ली 8:17, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, मुंबई, कोलकाता आदि, पूजा मुहूर्त सहित।

करवा चौथ 2026 गुरुवार 29 अक्टूबर को है। पूजा मुहूर्त शाम 5:38–6:56, चंद्रोदय दिल्ली 8:17 और जयपुर 8:28 बजे, साथ में व्रत का समय और चतुर्थी तिथि।

11 नवंबर 2026 को भाई दूज पर तिलक की चरणबद्ध विधि — थाली की सामग्री, दिशा, तिलक का तरीका, मंत्र, आरती, उपहार, राहुकाल से बचते हुए श्रेष्ठ समय और क्षेत्रीय परंपरा

भाई दूज 2026 बुधवार 11 नवंबर को है। तिलक मुहूर्त दोपहर 1:10–3:20 (दिल्ली), द्वितीया तिथि, शहरवार समय, पूजा विधि, यम-यमुना की कथा और चित्रगुप्त पूजा।

गोवर्धन पूजा 2026 पर अन्नकूट क्यों बनाते हैं — अर्थ, श्रीकृष्ण कथा, 56 भोग क्यों, छप्पन भोग सूची, अन्नकूट सब्जी की विधि और नाथद्वारा परंपरा।

गोवर्धन पूजा 2026 मंगलवार 10 नवंबर को है। जानें प्रातःकाल मुहूर्त (दिल्ली सुबह 6:40–8:50), प्रतिपदा तिथि, चरणबद्ध पूजा विधि, अन्नकूट, परिक्रमा और गोवर्धन कथा।

नरक चतुर्दशी 2026: अभ्यंग स्नान 8 नवंबर (दिल्ली सुबह 5:41–6:38), काली चौदस व छोटी दिवाली 7 नवंबर, चतुर्दशी तिथि, उबटन, यम तर्पण, पूजा विधि और नरकासुर कथा।

6 नवंबर 2026 की धनतेरस पूजा की पूरी विधि — सामग्री, आरोग्य के लिए धन्वंतरि पूजा, धन के लिए कुबेर-लक्ष्मी पूजा, यम दीपदान, मंत्र और शाम की समय-सारणी।

धनतेरस 2026 (6 नवंबर) पर क्या खरीदें — सोना, चांदी का सिक्का, पीतल-तांबे के बर्तन, झाड़ू, धनिया, मूर्तियां; बजट सुझाव और क्या न खरीदें।

धनतेरस 2026 शुक्रवार 6 नवंबर को है। जानें शहरवार पूजा मुहूर्त (दिल्ली शाम 6:02–7:57), त्रयोदशी तिथि, यम दीपदान का समय और खरीदारी के शुभ समय।

दिवाली 2026 का पूरा कैलेंडर: धनतेरस (6 नवंबर), छोटी दिवाली (7 नवंबर), लक्ष्मी पूजा (8 नवंबर), गोवर्धन पूजा (10 नवंबर) और भाई दूज (11 नवंबर) — मुहूर्त और परंपराए

दिवाली लक्ष्मी पूजा में होने वाली 21 आम गलतियां — गलत मुहूर्त, मूर्ति की स्थापना, अर्पण, दीपक और आचरण — और 8 नवंबर 2026 की दिवाली पर उन्हें कैसे सुधारें।

धनतेरस पर नई झाड़ू क्यों खरीदते हैं और दिवाली पर उसकी पूजा क्यों होती है — लक्ष्मी से संबंध, 2026 का शुभ समय, झाड़ू पूजा की विधि, रखने का स्थान और नियम।

दिवाली पूजा का मुहूर्त स्वयं कैसे देखें — प्रदोष काल में अमावस्या, स्थिर लग्न, चौघड़िया, राहुकाल और निशीथ काल — 8 नवंबर 2026 के उदाहरण के साथ आसान भाषा में।

दिवाली की रात के सबसे शुभ मंत्र — गणेश मंत्र, महालक्ष्मी बीज मंत्र, लक्ष्मी गायत्री, श्री सूक्त, महालक्ष्मी अष्टकम, कुबेर और दीप मंत्र — अर्थ और जाप के नियमों स

दिवाली 2026 पर मां लक्ष्मी को क्या चढ़ाएं — कमल, कमल गट्टे, खील-बताशे, खीर, मौसमी फल, पान, श्रृंगार, सिक्के, और क्या न चढ़ाएं — हर वस्तु के अर्थ सहित।

दिवाली 2026 पर कितने दीपक जलाएं — 5, 7, 11, 13, 14, 21, 51 और 108 दीपकों का अर्थ, धनतेरस से भाई दूज तक दिनवार संख्या, और व्यावहारिक सुझाव।

दिवाली 2026 पर दीपक कहां रखें — मुख्य द्वार, पूजा घर, तुलसी, रसोई, जल स्थान, छत, तिजोरी और अन्य स्थान, सही दिशा, 8 नवंबर का समय और सुरक्षा के सुझाव।

दिवाली पर लक्ष्मी जी के साथ गणेश पूजा क्यों — प्रथम पूज्य, धन के साथ बुद्धि, लक्ष्मी-गणेश की कथा, विष्णु पूजा क्यों नहीं और शुभ-लाभ का अर्थ।

बिना पंडित के घर पर दिवाली लक्ष्मी पूजा की सरल विधि — 2026 का समय, शाम की समय-सारणी, छोटे मंत्रों के साथ 12 आसान चरण और परिवार के लिए उपयोगी सुझाव।

दिवाली 2026 की संपूर्ण पूजा सामग्री सूची — मूर्तियां, चौकी, कलश, लक्ष्मी श्रृंगार, भोग, दीपक, कुबेर व बही-खाता सामग्री, और धनतेरस से खरीदारी की समय-सारणी।

दीपावली 2026 की संपूर्ण शास्त्रीय पूजा विधि — चौकी स्थापना, संकल्प, गणेश व कलश पूजन, मंत्रों सहित षोडशोपचार लक्ष्मी पूजन, कुबेर, बही-खाता और दीपमालिका पूजन।

दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शहर अनुसार — दिल्ली, जयपुर, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, बेंगलुरु सहित 11 शहर, प्रदोष काल और निशीथ काल के साथ।

दिवाली 2026 रविवार 8 नवंबर को है। जानें लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (दिल्ली शाम 5:54–7:50), अमावस्या तिथि, प्रदोष काल, महानिशीथ काल और धनतेरस से भाई दूज तक पूरा कैलेंड

दशहरा 2026 (20 अक्टूबर) पर करने योग्य 15 शुभ कार्य — शमी और अपराजिता पूजा, नए कार्य का आरंभ, वाहन व सोने की खरीद, नीलकंठ दर्शन, सरल उपाय और किन कामों से बचें।

क्या दशहरा और विजयादशमी एक ही हैं? जानें दोनों नामों का अर्थ, इनके पीछे राम और दुर्गा की परंपराएं, क्षेत्रीय नाम, और 2026 में बंगाल की तारीख अलग क्यों है।

दशहरे पर रावण का पुतला क्यों जलाया जाता है — धार्मिक अर्थ, दस सिरों का प्रतीक, परंपरा का इतिहास, जहां रावण पूजा जाता है वे स्थान, और रावण दहन 2026 का समय।

दशहरा 2026 की संपूर्ण पूजा सामग्री चेकलिस्ट — शमी पूजा, अपराजिता पूजा, शस्त्र पूजा, राम दरबार पूजा, नवरात्रि विसर्जन और भोग की सामग्री, खरीदारी के समय-सारणी सहि

दशहरा 2026 पर शस्त्र पूजा कैसे करें — 20 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त, सामग्री, मंत्रों सहित चरणबद्ध विधि, अपराजिता और शमी पूजा, तथा सुरक्षा से जुड़े नियम।

दशहरा क्यों मनाया जाता है — भगवान राम और रावण की पूरी कथा, श्रीराम की शक्ति पूजा, मां दुर्गा द्वारा महिषासुर वध, पांडवों का शमी वृक्ष और आज के जीवन में इसका संद

दशहरा 2026 विजय मुहूर्त 20 अक्टूबर — शहरवार समय, विजय मुहूर्त क्या है और कैसे निकलता है, कौन सा राहुकाल टालें, और इस समय कौन से नए काम शुरू करें।

दशहरा 2026 मंगलवार 20 अक्टूबर को है। जानें दशमी तिथि का समय, विजय मुहूर्त, अपराह्न पूजा काल, श्रवण नक्षत्र, रावण दहन का समय और बंगाल में विजयादशमी की तारीख।

नवरात्रि 2026 में नवदुर्गा के हर स्वरूप को किस दिन कौन सा फूल, भोग और पूजा सामग्री चढ़ाएं, मां के प्रिय फूल, वर्जित फूल और फूल चढ़ाने का सही तरीका।

नवरात्रि 2026 की संपूर्ण पूजा सामग्री लिस्ट — कलश स्थापना, मां का सोलह श्रृंगार, दैनिक पूजा, अखंड ज्योत, सप्तशती पाठ, हवन, कन्या पूजन और व्रत की रसोई की चेकलिस्

कन्या पूजन की पूरी गाइड — 9 कन्याओं के लिए हलवा-पूरी-चना का पारंपरिक मेन्यू और मात्रा, पूजन सामग्री चेकलिस्ट, बजट के अनुसार उपहार और क्या न परोसें।

कन्या पूजन अष्टमी को करें या नवमी को? शास्त्रीय मत, कुल परंपरा, 2026 की तारीख और मुहूर्त, कन्याओं की सही आयु और देवी भागवत में कन्या पूजन का महत्व।

नवरात्रि 2026 में हर दिन की देवी और उनके पूजा मंत्र — नवदुर्गा के नौ स्वरूपों के ध्यान श्लोक, बीज मंत्र, नाम मंत्र और स्तुति मंत्र, तारीख और जाप के नियम सहित।

नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती पाठ के नियम और सही विधि — कवच, अर्गला, कीलक का क्रम, 13 अध्याय, दिनवार पाठ योजना, सावधानियां और प्रत्येक अध्याय का फल।

नवरात्रि में अखंड ज्योत कैसे जलाएं — सही दिशा, घी या तेल, बाती, दीपक रखने का तरीका, मंत्र, ज्योत बुझ जाए तो क्या करें, सुरक्षा और 2026 में समापन।

नवरात्रि व्रत में क्या खाएं, क्या न खाएं — अनुमत आटे, सब्जियां, मसाले, तेल, वर्जित चीज़ें, 9 दिन का भोजन प्लान, व्रत के नियम और सेहत के ज़रूरी टिप्स।

घर पर नवरात्रि कलश स्थापना की चरणबद्ध विधि — सामग्री, सही दिशा, जौ बोना, कलश मंत्र, रोज़ की देखभाल, नियम और विसर्जन की पूरी जानकारी सरल भाषा में।

महानवमी 2026: नवमी तिथि 19 अक्टूबर सुबह 10:51 से 20 अक्टूबर दोपहर 12:50 तक। जानें सही तारीख, कन्या पूजन व हवन मुहूर्त, पारण का समय और महत्व।

दुर्गा अष्टमी 2026 सोमवार 19 अक्टूबर को। जानें अष्टमी तिथि, संधि पूजा का समय, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त, मां महागौरी की पूजा और चरणबद्ध विधि।

नवरात्रि 2026 के 9 रंग: 11 से 19 अक्टूबर तक नारंगी, सफेद, लाल, रॉयल ब्लू, पीला, हरा, स्लेटी, बैंगनी और मोरपंखी हरा — हर रंग का अर्थ और पहनने के टिप्स।

नवरात्रि 2026 में 11 से 20 अक्टूबर तक किस दिन किस देवी की पूजा होगी — तारीख, स्वरूप, वाहन, भोग, ग्रह और हर स्वरूप की कृपा की पूरी सूची।

नवरात्रि 2026 घटस्थापना 11 अक्टूबर को। जानें शहरवार कलश स्थापना मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, चौघड़िया, चित्रा-वैधृति का नियम और संक्षिप्त पूजा विधि।

शारदीय नवरात्रि 2026 रविवार 11 अक्टूबर से शुरू। जानें घटस्थापना मुहूर्त, 9 दिनों की तिथियां, अष्टमी-नवमी, दशहरा की तारीख और इस बार की खास बातें।

पूर्णिमा 2026 की सभी तिथियां देखें। जानें पौष, माघ, फाल्गुन, चैत्र, बुद्ध, गुरु, शरद और कार्तिक पूर्णिमा की तारीख, पूजा विधि, व्रत और चंद्रोदय समय।

गणेश चतुर्थी 2026 13 या 14 सितंबर? जानें सही तारीख, भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि, पूजा मुहूर्त, गणेश स्थापना और विसर्जन की पूरी जानकारी।

सौर मास (संक्रांति) बनाम चंद्र मास (पक्ष), विक्रम संवत्, और 2027 की त्योहार तिथियाँ पहले से क्यों लिखी हैं।

अमावस्या और पूर्णिमा — दीवाली, होलिका और राखी चंद्र दिन से क्यों चलती हैं, आधी रात से नहीं।

नक्षत्र चंद्र का घर है — आकाश के 27 भाग। सूर्योदय का नाम और समाप्ति घड़ी दोनों क्यों चाहिए।

पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण — और राजस्थान के शहर का सूर्योदय घड़ियाँ क्यों बदलता है।

पुष्कर मेला कार्तिक पूर्णिमा के सप्ताह में लगता है। स्नान और पशु मैदान के लिए अजमेर शहर पंचांग लें।

हरियाली तीज श्रावण शुक्ल तृतीया है। व्रत, झूला, जयपुर दरबारी पालकी — त्रिपोलिया से पहले शहर पंचांग।

गणगौर चैत्र शुक्ल तृतीया है: घुड़ला, ईसर-गौरी, और जयपुर की पालकी। जुलूस से पहले पंचांग खोलें।

विजय सूर्योदय-सूर्यास्त के पंद्रह दिन मुहूर्तों में ग्यारहवाँ है — दोपहर बाद का समय, अभिजित नहीं।

विक्रम संवत् उत्तर भारतीय पंचांग का संवत् है। वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर बदलता है, 1 जनवरी पर नहीं।

यमगंड वार से तय दिन का आठवाँ भाग है, हर राजस्थान शहर पृष्ठ पर राहु और गुलिक के साथ।

गुलिक भी सूर्योदय-सूर्यास्त के दिन का आठवाँ भाग है, वार से तय — राहु काल जैसा, पर वही आठवाँ नहीं।

गोधूलि स्थानीय सूर्यास्त के आसपास की धूल-बेला है। छोटी, शहर-विशेष, ट्रैफ़िक में छूटने वाली।

ब्रह्म मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय से 96 से 48 मिनट पहले है। यह पढ़ाई और संकल्प का समय है, परीक्षा रिपोर्टिंग का नहीं।

डिलीवरी शुभ दिन चौघड़िया में लें, राहु काल से बाहर। परिवार नया आरंभ माने तो पंचक टालें।

हर नक्षत्र के चार पाद और एक आरंभ ध्वनि है। कुंडली बनाएँ या नामकरण पृष्ठ पर चंद्र नक्षत्र चुनें।

घर में शुभ दिन पहर में प्रवेश करें, राहु काल से बाहर। कई परिवार पंचक निकलने तक प्रतीक्षा करते हैं।

दिन के अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया राहु काल से बाहर लें; परिवार माने तो पंचक या भद्रा छोड़ें।

भद्रा विष्टि करण है। सूर्योदय पर विष्टि हो तो राखी, अनुबंध और नया काम कुछ परिवार क्यों टालते हैं।

पंचक तब है जब चंद्र धनिष्ठा से रेवती तक हो। अपना पंचांग सूर्योदय के नक्षत्र से इसे कैसे चिह्नित करता है।

एकादशी प्रत्येक पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है। राजस्थान में व्रत दीवार के कैलेंडर से नहीं, चंद्र दिन से क्यों चलता है।

अभिजित मुहूर्त दोपहर का छोटा समय है जिसे राजस्थान के कई परिवार शुभ मानते हैं। राहु काल और परीक्षा दिन की यात्रा से इसका संबंध।

तिथि हिन्दू पंचांग का चंद्र दिन है — शुक्ल और कृष्ण पक्ष, यह अजीब घड़ी समय पर क्यों समाप्त होती है, और राजस्थान के शहर पृष्ठ इसे कैसे दिखाते हैं।

चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ पहरों में बाँटता है। अमृत, शुभ, लाभ बनाम रोग, काल, उद्वेग — राजस्थान में राहु काल के साथ कैसे देखें।

राहु काल हिन्दू पंचांग का दिन का अशुभ समय है। राजस्थान के शहरों में यह कैसे निकलता है, और यात्रा या नया काम कब टालते हैं।
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आज का पंचांग 18 सितंबर 2026 | शुक्रवार का पंचांग | तिथि, नक्षत्र, राहुकाल, शुभ मुहूर्त