दिवाली पूजा का मुहूर्त कैसे देखें: संक्षिप्त उत्तर
दिवाली की लक्ष्मी पूजा का आदर्श मुहूर्त चार बातें क्रम से जांचकर निकाला जाता है: (1) कार्तिक अमावस्या तिथि हो; (2) प्रदोष काल हो — सूर्यास्त के बाद लगभग 2 घंटे 24 मिनट; (3) स्थिर लग्न, प्रायः वृषभ, उदित हो; और (4) राहुकाल व अन्य अशुभ समय न हों। 8 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में अमावस्या सुबह 11:27 (8 नवंबर) से दोपहर 12:31 (9 नवंबर) तक, प्रदोष काल शाम 5:31 से 8:09 और वृषभ काल शाम 5:54 से 7:50 तक है — इसलिए सर्वश्रेष्ठ समय शाम 5:54 से 7:50 बजे है।
यह लेख आपको सिखाएगा कि आप स्वयं पंचांग देखकर किसी भी वर्ष और किसी भी शहर के लिए दिवाली का सही मुहूर्त कैसे समझ सकते हैं। पंचांग की मूल बातें — पंचांग क्या होता है?
चरण 1: अमावस्या तिथि की पुष्टि करें
दिवाली कार्तिक अमावस्या (अमांत पंचांग में आश्विन अमावस्या) को मनाई जाती है। सबसे पहले पंचांग में तिथि देखें। ध्यान रहे — तिथि का आरंभ और अंत पूरे भारत में एक ही समय होता है; केवल सूर्योदय-सूर्यास्त शहर के अनुसार बदलते हैं। तिथि को समझने के लिए पढ़ें — पंचांग में तिथि क्या होती है?
2026 में अमावस्या 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे आरंभ हो रही है, इसलिए 8 नवंबर की पूरी शाम अमावस्या में है। 9 नवंबर को अमावस्या दोपहर 12:31 बजे, यानी सूर्यास्त से पहले ही समाप्त हो जाएगी। इसलिए दिवाली 8 नवंबर को है।
नियम याद रखें: दिवाली उस दिन होती है जिस दिन प्रदोष काल में अमावस्या हो। केवल सूर्योदय की तिथि (उदया तिथि) देखकर दिवाली तय नहीं की जाती — यही कारण है कि कुछ वर्षों में तारीख को लेकर भ्रम होता है। जब दोनों दिन प्रदोष में अमावस्या हो, तब पंचांगकार निर्णय सिंधु जैसे ग्रंथों के नियमों से अंतिम निर्णय करते हैं।
चरण 2: प्रदोष काल निकालें
प्रदोष काल सूर्यास्त से आरंभ होकर लगभग 2 घंटे 24 मिनट (छह घटी) तक का गोधूलि के बाद का समय है। शास्त्रों में अमावस्या के प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजा का विधान है। 8 नवंबर 2026 को दिल्ली में सूर्यास्त शाम 5:31 बजे है, इसलिए प्रदोष काल शाम 5:31 से 8:09 बजे तक है।
| शहर | प्रदोष काल (8 नवंबर 2026) |
|---|---|
| नई दिल्ली | शाम 5:31 – 8:09 |
| जयपुर | शाम 5:40 – 8:16 |
| मुंबई | शाम 6:02 – 8:34 |
| कोलकाता | शाम 4:56 – 7:29 |
| बेंगलुरु | शाम 5:51 – 8:20 |
गोधूलि बेला के बारे में भी पढ़ें — गोधूलि मुहूर्त क्या है?
चरण 3: स्थिर लग्न देखें
राशियों को तीन प्रकार में बांटा गया है — चर, स्थिर और द्विस्वभाव। चार स्थिर राशियां हैं: वृषभ, सिंह, वृश्चिक और कुंभ। मान्यता है कि स्थिर लग्न में पूजा करने से "चंचला" लक्ष्मी घर में स्थिर हो जाती हैं। दिवाली की शाम वृषभ लग्न प्रायः प्रदोष काल के भीतर उदित होता है, इसलिए दोनों का संयोग सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त बनता है। 2026 में दिल्ली में वृषभ काल शाम 5:54 से 7:50 बजे तक है। अगला स्थिर लग्न सिंह आधी रात के आसपास (रात 12:25 से 2:42) उदित होगा, जो रात्रि साधना के लिए उपयुक्त है।
लग्न हर लगभग दो घंटे में बदलता है और शहर के अक्षांश-देशांतर पर निर्भर करता है। इसलिए जयपुर में वृषभ काल 6:03 से 7:59, मुंबई में 6:27 से 8:27 और कोलकाता में 5:20 से 7:18 है।
चरण 4: राहुकाल से बचें और चौघड़िया देखें
रविवार, 8 नवंबर को दिल्ली में राहुकाल लगभग दोपहर 4:09 से शाम 5:31 बजे तक है — यह सूर्यास्त पर समाप्त हो जाता है, इसलिए प्रदोष मुहूर्त पर इसका कोई प्रभाव नहीं है।
दुकानों और दफ्तरों के लिए अक्सर चौघड़िया देखा जाता है: दिल्ली में सायंकालीन शुभ-अमृत-चर चौघड़िया शाम 5:31 से रात 10:27 तक और दोपहर का शुभ चौघड़िया 1:26 से 2:48 तक है। प्रमुख पंचांग चौघड़िया को मुख्यतः व्यापार या यात्रा के लिए उपयुक्त मानते हैं; घर की पूजा के लिए प्रदोष काल और स्थिर लग्न ही श्रेष्ठ है। पढ़ें — चौघड़िया कैसे देखें? और राहु काल क्या होता है?
चरण 5: निशीथ और महानिशीथ काल
आधी रात के समय (दिल्ली में महानिशीथ काल रात 11:39 से 12:31) का उपयोग काली पूजा और तांत्रिक साधना के लिए अनुभवी साधक करते हैं। सामान्य गृहस्थों की पूजा के लिए यह आवश्यक नहीं है। बंगाल, असम और ओडिशा में इसी रात मां काली की पूजा होती है।
उदाहरण: नई दिल्ली, 8 नवंबर 2026
| जांच | परिणाम |
|---|---|
| अमावस्या | ✔ सुबह 11:27 (8 नवंबर) – दोपहर 12:31 (9 नवंबर) |
| प्रदोष काल | शाम 5:31 – 8:09 |
| वृषभ (स्थिर) लग्न | शाम 5:54 – 7:50 |
| दोनों का मेल = मुहूर्त | शाम 5:54 – 7:50 |
| राहुकाल | लगभग 4:09 – 5:31 (कोई टकराव नहीं) |
घर, व्यापार और साधना के लिए अलग मुहूर्त
| उद्देश्य | सर्वश्रेष्ठ समय |
|---|---|
| घर की लक्ष्मी-गणेश पूजा | प्रदोष काल + वृषभ लग्न |
| दुकान/दफ्तर पूजा, बही-खाता | दोपहर या शाम का चौघड़िया, या प्रदोष |
| काली पूजा, तांत्रिक साधना | महानिशीथ काल / सिंह लग्न |
मुहूर्त देखते समय होने वाली आम गलतियां
- •केवल कैलेंडर की तारीख देखना: दिवाली की तारीख प्रदोष में अमावस्या से तय होती है, सामान्य कैलेंडर से नहीं।
- •दूसरे शहर का मुहूर्त अपनाना: टीवी या सोशल मीडिया पर दिखाया गया मुहूर्त अक्सर दिल्ली का होता है; अपने शहर का समय अवश्य देखें।
- •चौघड़िया को ही अंतिम मानना: घर की पूजा के लिए प्रदोष और स्थिर लग्न अधिक महत्वपूर्ण हैं।
- •विदेश में भारत का समय मानना: विदेशों में स्थानीय गणना से तारीख भी बदल सकती है।
- •मुहूर्त के डर से पूजा न करना: यदि मुहूर्त छूट जाए, तो प्रदोष काल या रात में अमावस्या रहते श्रद्धापूर्वक पूजा करें।
अपना पंचांग से मुहूर्त कैसे देखें?
- 1अपना पंचांग खोलें और अपना शहर चुनें।
- 28 नवंबर 2026 की तारीख में तिथि, सूर्यास्त और लग्न की जानकारी देखें।
- 3प्रदोष काल (सूर्यास्त + लगभग 2 घंटे 24 मिनट) निकालें।
- 4उस अवधि में वृषभ लग्न का समय मिलाएं — यही आपका मुहूर्त है।
- 5शुभ मुहूर्त पेज पर अन्य कार्यों के मुहूर्त भी देख सकते हैं।
पंचांग के पांच अंग और दिवाली मुहूर्त
पंचांग के पांच अंग हैं — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। दिवाली के मुहूर्त में तिथि (अमावस्या) सबसे प्रमुख है, इसके बाद लग्न और प्रदोष काल। 2026 में 8 नवंबर को रविवार है, जो सूर्य का दिन है; दीपों के पर्व पर सूर्य के दिन का संयोग प्रकाश का सुंदर प्रतीक माना जा सकता है। नक्षत्र और योग की विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें — नक्षत्र क्या होता है?
मुहूर्त से जुड़े सामान्य प्रश्न
क्या मुहूर्त में ही पूरी पूजा खत्म करनी होगी? पूजा का आरंभ (संकल्प और गणेश पूजन) मुहूर्त में होना चाहिए; आरती और दीपदान मुहूर्त के कुछ बाद तक भी चल सकते हैं।
यदि परिवार के सदस्य देर से घर पहुंचें? पूजा प्रदोष काल के भीतर कभी भी आरंभ कर सकते हैं — दिल्ली में रात 8:09 तक। उसके बाद भी अमावस्या रहते पूजा मान्य है, बस प्रदोष का विशेष लाभ नहीं मिलता।
क्या दुकान और घर की पूजा का एक ही मुहूर्त है? नहीं, दुकान की पूजा प्रायः दिन के शुभ चौघड़िया में और घर की पूजा प्रदोष काल में होती है।
अपने शहर का प्रदोष काल स्वयं कैसे निकालें?
- 1अपने शहर का 8 नवंबर 2026 का सूर्यास्त समय पंचांग में देखें।
- 2उसमें लगभग 2 घंटे 24 मिनट जोड़ें — यही प्रदोष काल की अवधि है।
- 3उदाहरण: जयपुर में सूर्यास्त लगभग शाम 5:40 है, तो प्रदोष काल लगभग 5:40 से 8:16 तक होगा।
- 4फिर अपने शहर में वृषभ लग्न का समय देखें और दोनों का मेल निकालें।
यह तरीका हर वर्ष और हर शहर में काम आता है।
सारांश
दिवाली का मुहूर्त निकालने के लिए: अमावस्या की पुष्टि करें, सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल निकालें, उसमें स्थिर वृषभ लग्न देखें और राहुकाल से बचें। 8 नवंबर 2026 के लिए यह दिल्ली में शाम 5:54 से 7:50 बनता है; अपने शहर का समय शहरवार तालिका में देखें।
शुभ दीपावली!



