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उदयपुर में दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त

उदयपुर में दिवाली 2026 रविवार 8 नवंबर को। लक्ष्मी पूजा शाम 6:15–8:13, प्रदोष काल 5:51–8:26, दुकान पूजा 1:36–3:07, महानिशीथ काल और मेवाड़ की परंपराएं।

ज्योतिष अनुसंधान केंद्र·6 मिनट पठन·अंतिम अपडेट: 9 अक्टू॰ 2026
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उदयपुर में दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
✨प्रामाणिक वैदिक संदर्भ सचित्र

मुख्य वैदिक बिंदु (Key Highlights)

उदयपुर में दिवाली 2026 रविवार 8 नवंबर को। लक्ष्मी पूजा शाम 6:15–8:13, प्रदोष काल 5:51–8:26, दुकान पूजा 1:36–3:07, महानिशीथ काल और मेवाड़ की परंपराएं।

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उदयपुर में दिवाली 2026: संक्षिप्त उत्तर

दिवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर को है। उदयपुर में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:15 से रात 8:13 तक (1 घंटा 58 मिनट) है — यह प्रदोष काल (शाम 5:51 से 8:26) और स्थिर वृषभ लग्न (6:15 से 8:13) का मेल है। अमावस्या तिथि 8 नवंबर सुबह 11:27 से 9 नवंबर दोपहर 12:31 तक रहेगी।

मुहूर्त (उदयपुर)समय
लक्ष्मी पूजा (प्रदोष + वृषभ)शाम 6:15 – रात 8:13
प्रदोष कालशाम 5:51 – रात 8:26
कुंभ लग्न (दुकान, ऑफिस)दोपहर 1:36 – 3:07
महानिशीथ कालरात 11:53 – 12:45
सिंह लग्न9 नवंबर रात 12:43 – 2:57
अमावस्या तिथि8 नवंबर सुबह 11:27 – 9 नवंबर दोपहर 12:31

समय दृक् पंचांग की गणना पर आधारित हैं। दैनिक पंचांग — [पंचांग](/panchang)।

उदयपुर में मुहूर्त कैसे तय हुआ?

दिवाली की लक्ष्मी पूजा उस समय करनी चाहिए जब तीन बातें साथ हों — अमावस्या तिथि, प्रदोष काल और स्थिर लग्न। 8 नवंबर को उदयपुर में:

  • •अमावस्या सुबह 11:27 से है — यानी पूरी शाम अमावस्या में है ✓
  • •प्रदोष काल सूर्यास्त (5:51) से 8:26 तक ✓
  • •वृषभ लग्न 6:15 से 8:13 तक — पूरी तरह प्रदोष काल के भीतर ✓

तीनों का मेल शाम 6:15 से 8:13 है, जो लगभग दो घंटे का आरामदायक समय है। सूर्यास्त से 6:15 के बीच (5:51–6:15) आप कलश स्थापना, दीपक सजाने और संकल्प जैसी तैयारी कर सकते हैं, और मुख्य लक्ष्मी-गणेश पूजा 6:15 के बाद शुरू करें। विस्तार से — दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त कैसे देखें?

दुकान और प्रतिष्ठान के लिए

उदयपुर के व्यापारी — विशेषकर बड़ा बाज़ार, हाथीपोल, घंटाघर और सूरजपोल क्षेत्र में — दुकान की पूजा प्रायः दोपहर में करते हैं। इसके लिए कुंभ लग्न (दोपहर 1:36 से 3:07) सबसे उपयुक्त है, क्योंकि यह स्थिर लग्न है और अमावस्या में पड़ता है। रविवार का राहुकाल लगभग दोपहर 4:25 से सूर्यास्त (5:51) तक (अनुमानित) है, इसलिए दुकान की पूजा 3:07 तक पूरी कर लें।

झीलों की नगरी में दिवाली

उदयपुर की दिवाली अपनी झीलों के कारण अनोखी है:

  • •पिछोला झील के घाट — विशेषकर गणगौर घाट और पुराने शहर के घाटों पर दिवाली की शाम दीयों की कतारें सजती हैं, और पानी में उनका प्रतिबिंब देखने लोग जुटते हैं।
  • •दीपदान: कई परिवार झील के किनारे दीपक रखकर दीपदान करते हैं। ध्यान रखें — झीलें शहर के पेयजल का स्रोत हैं, इसलिए प्लास्टिक, थर्मोकोल या तेल वाली वस्तुएं पानी में न छोड़ें; दीपक किनारे पर ही रखें।
  • •जगदीश मंदिर (सिटी पैलेस के पास) में दिवाली की शाम विशेष आरती और दर्शन होते हैं।
  • •बोहरा गणेश जी मंदिर में दिवाली से पहले गणेश दर्शन की परंपरा है।
  • •सिटी पैलेस और झील किनारे के महलों की रोशनी पर्यटकों के बीच विशेष आकर्षण रहती है।

नाथद्वारा का अन्नकूट

उदयपुर से लगभग 45 किलोमीटर दूर नाथद्वारा में श्रीनाथजी का अन्नकूट उत्सव देश भर में प्रसिद्ध है। 2026 में गोवर्धन पूजा और अन्नकूट मंगलवार, 10 नवंबर को है। इस दिन श्रीनाथजी को सैकड़ों व्यंजनों का भोग लगता है, और अन्नकूट के बाद आसपास के आदिवासी समाज द्वारा प्रसाद "लूटने" की प्राचीन परंपरा भी देखने को मिलती है। दर्शन के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा घोषित समय देखें। अन्नकूट के बारे में — गोवर्धन पूजा 2026 कब है?

मेवाड़ में दिवाली की परंपराएं

  • •घर के आंगन और द्वार पर मांडने बनाए जाते हैं — चूने और गेरू से बनी पारंपरिक आकृतियां।
  • •दिवाली की रात घर के हर कमरे, रसोई, पानी के स्थान (परिंडा) और पशुशाला में दीपक रखने की परंपरा है।
  • •गोवर्धन पूजा पर पशुधन को सजाया जाता है, और गांवों में गाय-बैलों की पूजा होती है।

आसपास के शहर

राजसमंद, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा में मुहूर्त उदयपुर से कुछ ही मिनट अलग होगा (अनुमानित)। सुरक्षित रहने के लिए इन शहरों में मुख्य पूजा शाम 6:20 से 8:05 के बीच रखें, या अपने शहर का पंचांग देखें।

उदयपुर के घरों के लिए सरल लक्ष्मी पूजा विधि

  1. 1तैयारी (सूर्यास्त 5:51 तक): घर की सफाई, द्वार पर तोरण, आंगन में मांडना या रंगोली, पूजा की चौकी तैयार।
  2. 2प्रदोष आरंभ (5:51): मुख्य द्वार पर दीपक, कलश स्थापना, भगवान का आवाहन।
  3. 3मुख्य पूजा (6:15 से): संकल्प, गणेश पूजा, फिर लक्ष्मी पूजा — कमल, कुमकुम, अक्षत, खील-बताशे, मिठाई।
  4. 4कुबेर और तिजोरी पूजन: तिजोरी में हल्दी की गांठ, धनिया और चांदी का सिक्का रखें।
  5. 5आरती (8:13 से पहले): "ॐ जय लक्ष्मी माता" आरती, फिर घर भर में दीपक।
  6. 6रात: एक घी का दीपक रात भर पूजा स्थान पर जलता रहे।

दिवाली पर दीपक कहां-कहां जलाएं?

स्थानमहत्व
मुख्य द्वार के दोनों ओरलक्ष्मी का स्वागत
पूजा स्थानरात भर घी का दीपक
तुलसी के पासविष्णु-लक्ष्मी की कृपा
रसोई और पानी का स्थान (परिंडा)अन्न और जल की समृद्धि
छत और मुंडेरघर की चारों दिशाओं में प्रकाश
पीपल या मंदिरपितरों और देवताओं के लिए

उदयपुर के झील-किनारे वाले घरों में घाट की सीढ़ियों पर भी दीपक रखने की परंपरा है। विस्तार से — दिवाली पर घर में दीपक कहां जलाएं?

उदयपुर में दिवाली: पर्यटकों और परिवारों के लिए सुझाव

  • •झील किनारे भीड़: दिवाली की शाम गणगौर घाट, अंबराई घाट और फतेहसागर की पाल पर भीड़ रहती है; परिवार के साथ जाएं तो पूजा के बाद रात 8:30 के बाद जाएं।
  • •नाव की सवारी: पिछोला में नाव से रोशनी देखने के लिए पहले से बुकिंग की जानकारी लें; नाव संचालकों के सुरक्षा नियम मानें।
  • •पुराना शहर: जगदीश चौक और हाथीपोल की गलियां संकरी हैं — वाहन की बजाय पैदल जाएं।
  • •पटाखे: झीलों के किनारे पटाखे चलाना पक्षियों और जल-जीवन के लिए हानिकारक है; मिट्टी के दीयों से रोशनी करें।
  • •होटल और ठहराव: दिवाली सप्ताह में उदयपुर में पर्यटकों की संख्या बढ़ती है, इसलिए ठहरने की व्यवस्था पहले से करें।

उदयपुर का दीपोत्सव 2026

तारीखपर्व
शुक्रवार, 6 नवंबरधनतेरस, यम दीपदान
शनिवार, 7 नवंबररूप चौदस, काली चौदस
रविवार, 8 नवंबरदिवाली — लक्ष्मी पूजा (6:15–8:13)
मंगलवार, 10 नवंबरगोवर्धन पूजा, अन्नकूट (नाथद्वारा)
बुधवार, 11 नवंबरभाई दूज

सारांश

उदयपुर में लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर 2026 को शाम 6:15 से 8:13 के बीच करें। दुकान की पूजा दोपहर 1:36 से 3:07 में, और रात्रि साधना महानिशीथ काल (11:53–12:45) में। 10 नवंबर को नाथद्वारा का अन्नकूट न भूलें। शुभ दीपावली!

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

उदयपुर में दिवाली 2026 कब है?

उदयपुर में दिवाली रविवार, 8 नवंबर 2026 को है।

उदयपुर में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

शाम 6:15 से रात 8:13 तक (प्रदोष काल और वृषभ लग्न)।

उदयपुर में प्रदोष काल कब है?

8 नवंबर को शाम 5:51 से रात 8:26 तक।

उदयपुर में दुकान की पूजा कब करें?

दोपहर 1:36 से 3:07 के कुंभ लग्न में, राहुकाल शुरू होने से पहले।

उदयपुर में महानिशीथ काल कब है?

8 नवंबर रात 11:53 से 12:45 तक।

नाथद्वारा में अन्नकूट 2026 कब है?

गोवर्धन पूजा और अन्नकूट मंगलवार, 10 नवंबर 2026 को है।

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