नवरात्रि 2027: संक्षिप्त उत्तर
चैत्र नवरात्रि 2027 बुधवार, 7 अप्रैल से शुरू होगी (दिल्ली में घटस्थापना सुबह 6:05 से 7:26) और 15 अप्रैल को राम नवमी के साथ समाप्त होगी। शारदीय नवरात्रि 2027 गुरुवार, 30 सितंबर से शुरू होगी और 9 अक्टूबर को दशहरा के साथ संपन्न होगी। शारदीय नवरात्रि में प्रतिपदा तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छू रही (30 सितंबर सुबह 8:05 से 1 अक्टूबर सुबह 5:34 तक), इसलिए घटस्थापना दिल्ली में सुबह 8:05 से 10:12 (जयपुर में 8:05 से 10:17) होगी, और विकल्प के रूप में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:47 से दोपहर 12:35 है। दुर्गा अष्टमी 7 अक्टूबर को और महानवमी 8 अक्टूबर को है।
शारदीय नवरात्रि 2027 का पूरा कैलेंडर (नई दिल्ली)
| दिन | तारीख | देवी स्वरूप | शुभ रंग |
|---|---|---|---|
| 1 | गुरुवार, 30 सितंबर | शैलपुत्री (घटस्थापना) | पीला |
| 2 | शुक्रवार, 1 अक्टूबर | ब्रह्मचारिणी | हरा |
| 3 | शनिवार, 2 अक्टूबर | चंद्रघंटा | स्लेटी |
| 4 | रविवार, 3 अक्टूबर | कूष्मांडा | नारंगी |
| 5 | सोमवार, 4 अक्टूबर | स्कंदमाता | सफेद |
| 6 | मंगलवार, 5 अक्टूबर | कात्यायनी | लाल |
| 7 | बुधवार, 6 अक्टूबर | कालरात्रि | रॉयल ब्लू |
| 8 | गुरुवार, 7 अक्टूबर | महागौरी — दुर्गा अष्टमी | गुलाबी |
| 9 | शुक्रवार, 8 अक्टूबर | सिद्धिदात्री — महानवमी, संधि पूजा सुबह 6:03–6:51 | बैंगनी |
| 10 | शनिवार, 9 अक्टूबर | दशहरा, नवरात्रि पारण | — |
अष्टमी तिथि: 7 अक्टूबर सुबह 4:13 से 8 अक्टूबर सुबह 6:27 तक। नवमी तिथि: 8 अक्टूबर सुबह 6:27 से 9 अक्टूबर सुबह 9:01 तक। दशमी: 9 अक्टूबर सुबह 9:01 से 10 अक्टूबर सुबह 11:40 तक।
घटस्थापना मुहूर्त: शारदीय नवरात्रि 2027
| शहर | घटस्थापना मुहूर्त | अभिजीत मुहूर्त |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | सुबह 8:05 – 10:12 | 11:47 – 12:35 |
| जयपुर | सुबह 8:05 – 10:17 | 11:53 – 12:41 |
घटस्थापना सुबह 8:05 से ही क्यों?
30 सितंबर को सूर्योदय के समय अभी अमावस्या है। प्रतिपदा तिथि सुबह 8:05 बजे शुरू होती है और अगले सूर्योदय से पहले (1 अक्टूबर सुबह 5:34) ही समाप्त हो जाती है — यानी प्रतिपदा का क्षय है। घटस्थापना प्रतिपदा में और दिन के पहले एक-तिहाई भाग में होनी चाहिए, अमावस्या में नहीं — इसलिए मुहूर्त सुबह 8:05 से 10:12 (दिल्ली) तक है। यह भी ध्यान रखें कि 29 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या है, उसी दिन पितरों का श्राद्ध करके अगले दिन मां का स्वागत करें। तिथि क्षय को समझने के लिए पढ़ें — तिथि क्या होती है?
चैत्र नवरात्रि 2027 (नई दिल्ली)
| तारीख | देवी स्वरूप / पर्व |
|---|---|
| बुधवार, 7 अप्रैल | शैलपुत्री — घटस्थापना सुबह 6:05–7:26; हिंदू नववर्ष (संवत 2084) |
| गुरुवार, 8 अप्रैल | ब्रह्मचारिणी |
| शुक्रवार, 9 अप्रैल | चंद्रघंटा — गणगौर |
| शनिवार, 10 अप्रैल | कूष्मांडा |
| रविवार, 11 अप्रैल | स्कंदमाता |
| सोमवार, 12 अप्रैल | कात्यायनी |
| मंगलवार, 13 अप्रैल | कालरात्रि |
| बुधवार, 14 अप्रैल | महागौरी — दुर्गा अष्टमी |
| गुरुवार, 15 अप्रैल | सिद्धिदात्री — राम नवमी (मध्याह्न सुबह 11:04–दोपहर 1:38) |
चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा 7 अप्रैल सुबह 5:20 से 8 अप्रैल सुबह 4:28 तक है। राम नवमी के बारे में पढ़ें — राम नवमी 2027 कब है?
चैत्र नवरात्रि की दिनवार तालिका तिथि गणना के आधार पर दी गई है; स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
दशहरा और दुर्गा पूजा 2027
- •दशहरा (विजयादशमी): शनिवार, 9 अक्टूबर 2027 — दिल्ली में विजय मुहूर्त दोपहर 2:05 से 2:52।
- •बंगाल की बिजोया दशमी: रविवार, 10 अक्टूबर 2027।
- •नवरात्रि पारण: 9 अक्टूबर।
पढ़ें — दशहरा 2027 कब है?
नवरात्रि की पूजा विधि
घटस्थापना, अखंड ज्योत, दुर्गा सप्तशती पाठ, कन्या पूजन और व्रत के नियम हर वर्ष समान रहते हैं। विस्तृत विधि के लिए हमारी गाइड पढ़ें:
- •घर पर घटस्थापना की पूरी विधि
- •नवरात्रि में अखंड ज्योत कैसे जलाएं?
- •दुर्गा सप्तशती पाठ के नियम
- •नवरात्रि व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं?
- •कन्या पूजन अष्टमी या नवमी?
2026 और 2027 की नवरात्रि की तुलना
| विवरण | 2026 | 2027 |
|---|---|---|
| शारदीय नवरात्रि आरंभ | 11 अक्टूबर | 30 सितंबर |
| दुर्गा अष्टमी | 19 अक्टूबर | 7 अक्टूबर |
| दशहरा | 20 अक्टूबर | 9 अक्टूबर |
| विशेषता | सप्तमी वृद्धि (10 दिन) | प्रतिपदा क्षय |
नवरात्रि के नौ दिनों का भोग (पारंपरिक)
| दिन | देवी | भोग |
|---|---|---|
| 1 | शैलपुत्री | गाय का घी |
| 2 | ब्रह्मचारिणी | शक्कर/मिश्री |
| 3 | चंद्रघंटा | दूध या खीर |
| 4 | कूष्मांडा | मालपुआ |
| 5 | स्कंदमाता | केला |
| 6 | कात्यायनी | शहद |
| 7 | कालरात्रि | गुड़ |
| 8 | महागौरी | नारियल |
| 9 | सिद्धिदात्री | तिल या हलवा-पूरी-चना |
कन्या पूजन 2027
कन्या पूजन अष्टमी या नवमी को किया जाता है:
- •चैत्र नवरात्रि 2027: दुर्गा अष्टमी बुधवार, 14 अप्रैल; नवमी (राम नवमी) गुरुवार, 15 अप्रैल।
- •शारदीय नवरात्रि 2027: दुर्गा अष्टमी गुरुवार, 7 अक्टूबर; महानवमी शुक्रवार, 8 अक्टूबर।
विधि: 2 से 10 वर्ष की नौ कन्याओं और एक बालक (लांगुर/भैरव के रूप में) को आमंत्रित करें, उनके पैर धोकर आसन पर बिठाएं, तिलक लगाएं, कलावा बांधें, हलवा-पूरी-चने का भोजन कराएं और दक्षिणा व उपहार देकर पैर छूकर विदा करें।
नवरात्रि व्रत के नियम
- •घटस्थापना के बाद नौ दिन तक अखंड ज्योत जलाने का संकल्प लिया हो तो उसे बुझने न दें।
- •व्रत में अनाज, प्याज-लहसुन, सामान्य नमक नहीं; सेंधा नमक, कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना, समा के चावल, फल और दूध लिए जाते हैं।
- •सुबह-शाम दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ और आरती करें।
- •ब्रह्मचर्य, सात्विकता और क्रोध-त्याग का पालन करें।
- •नौ दिन बाल-दाढ़ी न कटवाने की परंपरा भी कई परिवारों में है।
- •पारण नवमी समाप्त होने के बाद करें — शारदीय नवरात्रि 2027 में 9 अक्टूबर को सुबह 9:01 के बाद।
सारांश
नवरात्रि 2027: चैत्र नवरात्रि 7 अप्रैल से (राम नवमी 15 अप्रैल) और शारदीय नवरात्रि 30 सितंबर से (घटस्थापना दिल्ली में सुबह 8:05–10:12; दुर्गा अष्टमी 7 अक्टूबर; दशहरा 9 अक्टूबर)। जय माता दी!



