🌸व्रत एवं त्यौहारप्रामाणिक वैदिक शास्त्र सूत्र

नवरात्रि 2027 कब है? घटस्थापना मुहूर्त और 9 दिनों की तिथियां

नवरात्रि 2027: चैत्र नवरात्रि 7 अप्रैल से और शारदीय नवरात्रि 30 सितंबर से। घटस्थापना मुहूर्त, 9 दिनों का पूरा कैलेंडर, दुर्गा अष्टमी, नवमी और दशहरा की तारीख।

ज्योतिष अनुसंधान केंद्र·5 मिनट पठन·अंतिम अपडेट: 9 अक्टू॰ 2026
WhatsApp शेयर
0%
नवरात्रि 2027 कब है? घटस्थापना मुहूर्त और 9 दिनों की तिथियां
✨प्रामाणिक वैदिक संदर्भ सचित्र

मुख्य वैदिक बिंदु (Key Highlights)

नवरात्रि 2027: चैत्र नवरात्रि 7 अप्रैल से और शारदीय नवरात्रि 30 सितंबर से। घटस्थापना मुहूर्त, 9 दिनों का पूरा कैलेंडर, दुर्गा अष्टमी, नवमी और दशहरा की तारीख।

📜 प्रामाणिक ग्रंथ सूत्र⏱️ 5 मिनट में पूर्ण समझ🙏 सटीक ज्योतिषीय उपाय

नवरात्रि 2027: संक्षिप्त उत्तर

चैत्र नवरात्रि 2027 बुधवार, 7 अप्रैल से शुरू होगी (दिल्ली में घटस्थापना सुबह 6:05 से 7:26) और 15 अप्रैल को राम नवमी के साथ समाप्त होगी। शारदीय नवरात्रि 2027 गुरुवार, 30 सितंबर से शुरू होगी और 9 अक्टूबर को दशहरा के साथ संपन्न होगी। शारदीय नवरात्रि में प्रतिपदा तिथि किसी सूर्योदय को नहीं छू रही (30 सितंबर सुबह 8:05 से 1 अक्टूबर सुबह 5:34 तक), इसलिए घटस्थापना दिल्ली में सुबह 8:05 से 10:12 (जयपुर में 8:05 से 10:17) होगी, और विकल्प के रूप में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:47 से दोपहर 12:35 है। दुर्गा अष्टमी 7 अक्टूबर को और महानवमी 8 अक्टूबर को है।

शारदीय नवरात्रि 2027 का पूरा कैलेंडर (नई दिल्ली)

दिनतारीखदेवी स्वरूपशुभ रंग
1गुरुवार, 30 सितंबरशैलपुत्री (घटस्थापना)पीला
2शुक्रवार, 1 अक्टूबरब्रह्मचारिणीहरा
3शनिवार, 2 अक्टूबरचंद्रघंटास्लेटी
4रविवार, 3 अक्टूबरकूष्मांडानारंगी
5सोमवार, 4 अक्टूबरस्कंदमातासफेद
6मंगलवार, 5 अक्टूबरकात्यायनीलाल
7बुधवार, 6 अक्टूबरकालरात्रिरॉयल ब्लू
8गुरुवार, 7 अक्टूबरमहागौरी — दुर्गा अष्टमीगुलाबी
9शुक्रवार, 8 अक्टूबरसिद्धिदात्री — महानवमी, संधि पूजा सुबह 6:03–6:51बैंगनी
10शनिवार, 9 अक्टूबरदशहरा, नवरात्रि पारण—

अष्टमी तिथि: 7 अक्टूबर सुबह 4:13 से 8 अक्टूबर सुबह 6:27 तक। नवमी तिथि: 8 अक्टूबर सुबह 6:27 से 9 अक्टूबर सुबह 9:01 तक। दशमी: 9 अक्टूबर सुबह 9:01 से 10 अक्टूबर सुबह 11:40 तक।

घटस्थापना मुहूर्त: शारदीय नवरात्रि 2027

शहरघटस्थापना मुहूर्तअभिजीत मुहूर्त
नई दिल्लीसुबह 8:05 – 10:1211:47 – 12:35
जयपुरसुबह 8:05 – 10:1711:53 – 12:41

घटस्थापना सुबह 8:05 से ही क्यों?

30 सितंबर को सूर्योदय के समय अभी अमावस्या है। प्रतिपदा तिथि सुबह 8:05 बजे शुरू होती है और अगले सूर्योदय से पहले (1 अक्टूबर सुबह 5:34) ही समाप्त हो जाती है — यानी प्रतिपदा का क्षय है। घटस्थापना प्रतिपदा में और दिन के पहले एक-तिहाई भाग में होनी चाहिए, अमावस्या में नहीं — इसलिए मुहूर्त सुबह 8:05 से 10:12 (दिल्ली) तक है। यह भी ध्यान रखें कि 29 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या है, उसी दिन पितरों का श्राद्ध करके अगले दिन मां का स्वागत करें। तिथि क्षय को समझने के लिए पढ़ें — तिथि क्या होती है?

चैत्र नवरात्रि 2027 (नई दिल्ली)

तारीखदेवी स्वरूप / पर्व
बुधवार, 7 अप्रैलशैलपुत्री — घटस्थापना सुबह 6:05–7:26; हिंदू नववर्ष (संवत 2084)
गुरुवार, 8 अप्रैलब्रह्मचारिणी
शुक्रवार, 9 अप्रैलचंद्रघंटा — गणगौर
शनिवार, 10 अप्रैलकूष्मांडा
रविवार, 11 अप्रैलस्कंदमाता
सोमवार, 12 अप्रैलकात्यायनी
मंगलवार, 13 अप्रैलकालरात्रि
बुधवार, 14 अप्रैलमहागौरी — दुर्गा अष्टमी
गुरुवार, 15 अप्रैलसिद्धिदात्री — राम नवमी (मध्याह्न सुबह 11:04–दोपहर 1:38)

चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा 7 अप्रैल सुबह 5:20 से 8 अप्रैल सुबह 4:28 तक है। राम नवमी के बारे में पढ़ें — राम नवमी 2027 कब है?

चैत्र नवरात्रि की दिनवार तालिका तिथि गणना के आधार पर दी गई है; स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।

दशहरा और दुर्गा पूजा 2027

  • •दशहरा (विजयादशमी): शनिवार, 9 अक्टूबर 2027 — दिल्ली में विजय मुहूर्त दोपहर 2:05 से 2:52।
  • •बंगाल की बिजोया दशमी: रविवार, 10 अक्टूबर 2027।
  • •नवरात्रि पारण: 9 अक्टूबर।

नवरात्रि की पूजा विधि

घटस्थापना, अखंड ज्योत, दुर्गा सप्तशती पाठ, कन्या पूजन और व्रत के नियम हर वर्ष समान रहते हैं। विस्तृत विधि के लिए हमारी गाइड पढ़ें:

2026 और 2027 की नवरात्रि की तुलना

विवरण20262027
शारदीय नवरात्रि आरंभ11 अक्टूबर30 सितंबर
दुर्गा अष्टमी19 अक्टूबर7 अक्टूबर
दशहरा20 अक्टूबर9 अक्टूबर
विशेषतासप्तमी वृद्धि (10 दिन)प्रतिपदा क्षय

नवरात्रि के नौ दिनों का भोग (पारंपरिक)

दिनदेवीभोग
1शैलपुत्रीगाय का घी
2ब्रह्मचारिणीशक्कर/मिश्री
3चंद्रघंटादूध या खीर
4कूष्मांडामालपुआ
5स्कंदमाताकेला
6कात्यायनीशहद
7कालरात्रिगुड़
8महागौरीनारियल
9सिद्धिदात्रीतिल या हलवा-पूरी-चना

कन्या पूजन 2027

कन्या पूजन अष्टमी या नवमी को किया जाता है:

  • •चैत्र नवरात्रि 2027: दुर्गा अष्टमी बुधवार, 14 अप्रैल; नवमी (राम नवमी) गुरुवार, 15 अप्रैल।
  • •शारदीय नवरात्रि 2027: दुर्गा अष्टमी गुरुवार, 7 अक्टूबर; महानवमी शुक्रवार, 8 अक्टूबर।

विधि: 2 से 10 वर्ष की नौ कन्याओं और एक बालक (लांगुर/भैरव के रूप में) को आमंत्रित करें, उनके पैर धोकर आसन पर बिठाएं, तिलक लगाएं, कलावा बांधें, हलवा-पूरी-चने का भोजन कराएं और दक्षिणा व उपहार देकर पैर छूकर विदा करें।

नवरात्रि व्रत के नियम

  • •घटस्थापना के बाद नौ दिन तक अखंड ज्योत जलाने का संकल्प लिया हो तो उसे बुझने न दें।
  • •व्रत में अनाज, प्याज-लहसुन, सामान्य नमक नहीं; सेंधा नमक, कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना, समा के चावल, फल और दूध लिए जाते हैं।
  • •सुबह-शाम दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ और आरती करें।
  • •ब्रह्मचर्य, सात्विकता और क्रोध-त्याग का पालन करें।
  • •नौ दिन बाल-दाढ़ी न कटवाने की परंपरा भी कई परिवारों में है।
  • •पारण नवमी समाप्त होने के बाद करें — शारदीय नवरात्रि 2027 में 9 अक्टूबर को सुबह 9:01 के बाद।

सारांश

नवरात्रि 2027: चैत्र नवरात्रि 7 अप्रैल से (राम नवमी 15 अप्रैल) और शारदीय नवरात्रि 30 सितंबर से (घटस्थापना दिल्ली में सुबह 8:05–10:12; दुर्गा अष्टमी 7 अक्टूबर; दशहरा 9 अक्टूबर)। जय माता दी!

यूट्यूब शॉर्ट्स वीडियोनवीनतम सूत्र

ॐ जय जगदीश हरे आरती | भगवान विष्णु की असीम कृपा

नित्य संध्या एवं पूजा में भगवान विष्णु की आरती का आध्यात्मिक महत्व।

मात्र 60 सेकंड में संपूर्ण नियम व वैदिक सूत्र समझें
प्रमाणिक गणना व सरल भाषा में व्याख्या
ॐ जय जगदीश हरे आरती | भगवान विष्णु की असीम कृपा
Shorts

ॐ जय जगदीश हरे आरती | भगवान विष्णु की असीम कृपा

▶ 60 सेकंड में देखेंYouTube पर खोलें
🌸 व्रत एवं पर्व

आगामी व्रत, त्यौहार व पूजा विधि की संपूर्ण सूची

एकादशी, प्रदोष, पूर्णिमा, अमावस्या एवं सभी प्रमुख पर्वों की सटीक शास्त्रसम्मत तिथियां देखें।

पर्व व त्यौहार कैलेंडर देखें →
पाठक समीक्षा

क्या यह ज्योतिषीय लेख आपके लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक रहा?

ॐ

ज्योतिष अनुसंधान केंद्र

प्रमाणित वैदिक शोध मंडल

यह आलेख महर्षि पराशर विरचित वृहत्पाराशर होराशास्त्र, नारद संहिता, मुहूर्त चिंतामणि एवं शास्त्रीय सूर्यसिद्धांत के सूत्रों के गहन अध्ययन व शोध के आधार पर संकलित किया गया है।

व्यक्तिगत ज्योतिषीय परामर्श

क्या आपकी कुंडली में यह योग या दोष सक्रिय है?

हमारे 24x7 दैविक AI ज्योतिषी से अपनी जन्म तिथि व समय के आधार पर सटीक विश्लेषण प्राप्त करें।

AI ज्योतिषी से पूछें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

शारदीय नवरात्रि 2027 कब से शुरू है?

शारदीय नवरात्रि गुरुवार, 30 सितंबर 2027 से शुरू होगी और 9 अक्टूबर को दशहरा के साथ समाप्त होगी।

शारदीय नवरात्रि 2027 का घटस्थापना मुहूर्त क्या है?

दिल्ली में 30 सितंबर को सुबह 8:05 से 10:12 तक; अभिजीत मुहूर्त 11:47 से 12:35 तक। जयपुर में सुबह 8:05 से 10:17 तक।

चैत्र नवरात्रि 2027 कब है?

चैत्र नवरात्रि बुधवार, 7 अप्रैल 2027 से शुरू होगी; दिल्ली में घटस्थापना सुबह 6:05 से 7:26 तक, और राम नवमी 15 अप्रैल को।

दुर्गा अष्टमी 2027 कब है?

शारदीय नवरात्रि की दुर्गा अष्टमी गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027 को है।

2027 में घटस्थापना सुबह 8:05 के बाद ही क्यों?

30 सितंबर को सूर्योदय पर अमावस्या है और प्रतिपदा सुबह 8:05 से शुरू होती है; घटस्थापना अमावस्या में वर्जित है।

महानवमी 2027 कब है?

महानवमी शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027 को है; संधि पूजा सुबह 6:03 से 6:51 तक।

आज का पंचांग (जयपुर)2026-10-16
तिथिषष्ठी
नक्षत्रमूल
सूर्योदय06:26 AM
अभिजित मुहूर्त11:49 AM - 12:35 PM
आज का संपूर्ण पंचांग देखें
@ApnaPanchang
🪐विशेष सूत्र

ॐ जय जगदीश हरे आरती | भगवान विष्णु की असीम कृपा

नित्य संध्या एवं पूजा में भगवान विष्णु की आरती का आध्यात्मिक महत्व।

ॐ जय जगदीश हरे आरती | भगवान विष्णु की असीम कृपा
Shorts

ॐ जय जगदीश हरे आरती | भगवान विष्णु की असीम कृपा

▶ 60 सेकंड में देखेंYouTube पर खोलें
YouTube पर सब्सक्राइब करें
नित्य पंचांग एवं वैदिक उपायसभी शॉर्ट्स
आधिकारिक मोबाइल ऐप4.8·100K+ डाउनलोड्स
पंचांग 2026: कुंडली एवं AI ज्योतिषी
टॉप ज्योतिष ऐप

पंचांग 2026: कुंडली एवं AI ज्योतिषी

दैनिक पंचांग, चौघड़िया, व्रत-त्योहार, वैदिक जन्म कुंडली एवं 24/7 AI ज्योतिषी परामर्श।

  • सटीक दैनिक पंचांग व सूर्योदय गणना
  • चौघड़िया, अभिजित व राहुकाल मुहूर्त
Google Play से निःशुल्क पाएं
🔮 निःशुल्क जन्म पत्रिका

अपनी संपूर्ण जन्म कुंडली बनाएं

सटीक लग्न, नवमांश, चंद्र राशि, महादशा, कालसर्प व मांगलिक दोष की गणना तुरंत प्राप्त करें।

कुंडली बनाएं (100% Free) →

अन्य संबंधित ज्योतिष लेख

सभी लेख →
🌸 व्रत एवं त्यौहार6 min

एकादशी क्या होती है?

🌸 व्रत एवं त्यौहार5 min

पुष्कर मेला और कार्तिक पंचांग