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दशहरा 2026 विजय मुहूर्त: नया काम शुरू करने का शुभ समय

दशहरा 2026 विजय मुहूर्त 20 अक्टूबर — शहरवार समय, विजय मुहूर्त क्या है और कैसे निकलता है, कौन सा राहुकाल टालें, और इस समय कौन से नए काम शुरू करें।

ज्योतिष अनुसंधान केंद्र·8 मिनट पठन·अंतिम अपडेट: 9 अक्टू॰ 2026
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दशहरा 2026 विजय मुहूर्त: नया काम शुरू करने का शुभ समय
✨प्रामाणिक वैदिक संदर्भ सचित्र

मुख्य वैदिक बिंदु (Key Highlights)

दशहरा 2026 विजय मुहूर्त 20 अक्टूबर — शहरवार समय, विजय मुहूर्त क्या है और कैसे निकलता है, कौन सा राहुकाल टालें, और इस समय कौन से नए काम शुरू करें।

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दशहरा 2026 विजय मुहूर्त: संक्षिप्त उत्तर

दशहरा 2026 (मंगलवार, 20 अक्टूबर) पर नई दिल्ली में विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 से 2:45 बजे तक है। विजयादशमी का यह सबसे शक्तिशाली समय नया व्यापार शुरू करने, वाहन या संपत्ति खरीदने, विद्यारंभ, महत्वपूर्ण अनुबंध पर हस्ताक्षर, शस्त्र पूजा और यात्रा आरंभ करने के लिए श्रेष्ठ है। इस मंगलवार को दिल्ली में राहुकाल लगभग दोपहर 2:56 से 4:21 बजे तक है — जो विजय मुहूर्त के ठीक बाद आता है, इसलिए उससे बचें।

शहरविजय मुहूर्त (20 अक्टूबर 2026)
नई दिल्लीदोपहर 1:59 – 2:45
जयपुरदोपहर 2:06 – 2:51
लखनऊदोपहर 1:45 – 2:31
मुंबईदोपहर 2:19 – 3:06
अहमदाबाददोपहर 2:20 – 3:06
कोलकातादोपहर 1:17 – 2:03
बेंगलुरुदोपहर 2:02 – 2:49
चेन्नईदोपहर 1:51 – 2:39

विजय मुहूर्त क्या है?

वैदिक काल गणना में सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को 15 मुहूर्तों में बांटा जाता है। दिन के ग्यारहवें मुहूर्त को 'विजय' मुहूर्त कहते हैं, जिसका अर्थ है — जीत। यह दोपहर के बाद के आरंभिक भाग में आता है और वैसे तो हर दिन शुभ माना जाता है, लेकिन विजयादशमी पर जब विजय की दशमी तिथि के साथ यह मुहूर्त आता है, तो यह पूरे वर्ष का सबसे प्रसिद्ध मुहूर्त बन जाता है — किसी भी ऐसे कार्य की शुरुआत के लिए जिसमें आप सफलता चाहते हैं।

20 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के लिए गणना: सूर्योदय लगभग सुबह 6:26 बजे और सूर्यास्त लगभग शाम 5:46 बजे है — यानी दिनमान लगभग 11 घंटे 20 मिनट। इसे 15 से भाग देने पर एक मुहूर्त लगभग 45 मिनट का होता है। सूर्योदय के बाद 10 मुहूर्त बीतने पर, यानी दोपहर 1:59 बजे ग्यारहवां मुहूर्त आरंभ होता है और 2:45 बजे समाप्त होता है। इसीलिए हर शहर में विजय मुहूर्त का समय वहां के सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार अलग होता है। विस्तार से पढ़ें — विजय मुहूर्त क्या है?

2026 में दशहरे का विजय मुहूर्त विशेष क्यों है?

  • •अपराह्न में दशमी: दशमी तिथि दोपहर 12:50 बजे शुरू हो रही है, इसलिए पूरा अपराह्न काल विजय की तिथि में है।
  • •श्रवण नक्षत्र: यह शाम 6:02 बजे तक रहेगा। दशमी और श्रवण नक्षत्र का योग विजयादशमी के लिए शास्त्रीय रूप से सर्वश्रेष्ठ माना गया है। मान्यता है कि श्रीराम ने इसी योग में लंका के लिए प्रस्थान किया था।
  • •अबूझ मुहूर्त: विजयादशमी वर्ष के साढ़े तीन स्वयं सिद्ध मुहूर्तों में से एक है।

20 अक्टूबर को किन समयों से बचें (दिल्ली, अनुमानित)

कालसमयटिप्पणी
नवमी तिथिदोपहर 12:50 तकनवमी पूजन के लिए उचित, दशहरा अनुष्ठानों के लिए नहीं
राहुकालदोपहर 2:56 – 4:21नया कार्य आरंभ न करें
काल चौघड़ियादोपहर 1:31 – 2:56विजय मुहूर्त स्वयं सिद्ध होने से इसका दोष नहीं माना जाता

इसलिए दिल्ली में व्यावहारिक श्रेष्ठ समय दोपहर 1:59 से 2:45 बजे है। यदि यह छूट जाए, तो अपराह्न का वह भाग जो राहुकाल में नहीं है (लगभग दोपहर 1:14 से 2:56) अगला अच्छा विकल्प है। अपने शहर का राहुकाल और चौघड़िया अवश्य देखें। राहुकाल के बारे में विस्तार से पढ़ें — राहु काल क्या होता है?

विजय मुहूर्त में कौन से काम शुरू करें?

  1. 1नया व्यापार या दुकान का उद्घाटन — पहले गणेश पूजा करें, फिर बही-खाता या दुकान खोलें।
  2. 2वाहन की खरीद या डिलीवरी — स्वास्तिक, कलावा और नारियल से छोटी पूजा करें।
  3. 3संपत्ति की बुकिंग या रजिस्ट्री — टोकन या अनुबंध पर हस्ताक्षर करें।
  4. 4सोना-चांदी की खरीद — कई परिवार इसे धनतेरस जितना ही शुभ मानते हैं।
  5. 5विद्यारंभ — पढ़ाई, संगीत, नृत्य या कोई नया कोर्स आरंभ करना।
  6. 6नौकरी ज्वाइन करना या नया प्रोजेक्ट लॉन्च करना।
  7. 7महत्वपूर्ण उद्देश्य से यात्रा — सीमोल्लंघन की परंपरा इसी से जुड़ी है।
  8. 8शस्त्र पूजा — हथियार, औज़ार और मशीनों की पूजा। विधि पढ़ें — विजयादशमी पर शस्त्र पूजा कैसे करें?

नया कार्य शुरू करने से पहले सरल विधि

  1. 1घी का दीपक जलाएं और 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र से गणेश जी की पूजा करें।
  2. 2मां अपराजिता को शमी पत्र या अपराजिता का फूल अर्पित करें।
  3. 3संकल्प लें — अपना नाम और जो कार्य आरंभ कर रहे हैं, उसका उल्लेख करें।
  4. 4'ॐ विजयायै नमः' मंत्र का 11 बार जाप करें।
  5. 5मुहूर्त के भीतर ही कार्य आरंभ करें — हस्ताक्षर करें, दुकान खोलें, वाहन स्टार्ट करें या पहला कदम उठाएं।

व्यापारियों के लिए विशेष सुझाव

दशहरे पर व्यापारी वर्ग नए खाते, नए उत्पाद या नई शाखा की शुरुआत विजय मुहूर्त में करना शुभ मानता है। दुकान या दफ्तर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाएं, तिजोरी पर स्वास्तिक बनाएं और शमी के पत्ते रखें। कर्मचारियों को मिठाई और उपहार दें। ध्यान रखें कि दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के साथ नए बही-खाते का मुख्य पूजन होता है; दशहरे पर इसकी तैयारी और नए कार्य का संकल्प किया जा सकता है। दिवाली मुहूर्त जानने के लिए पढ़ें — दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त।

विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए

  • •विद्यार्थी विजय मुहूर्त में अपनी पुस्तकों की पूजा करके नए विषय या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी शुरू कर सकते हैं।
  • •नौकरी के लिए आवेदन, इंटरव्यू की तैयारी या नई नौकरी में पहला दिन इसी समय रखना शुभ माना जाता है।
  • •जो लोग किसी लंबे समय से अटके कार्य को फिर से शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए भी दशहरा उपयुक्त दिन है।

यदि विजय मुहूर्त में कार्य संभव न हो?

कई बार दफ्तर, यात्रा या अन्य कारणों से ठीक विजय मुहूर्त में कार्य करना संभव नहीं होता। ऐसे में:

  • •विजय मुहूर्त में केवल संकल्प लेकर और प्रतीकात्मक रूप से कार्य आरंभ करके (जैसे दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर, पहला भुगतान या पूजा) बाकी काम बाद में पूरा करें।
  • •दशहरा स्वयं अबूझ मुहूर्त है, इसलिए राहुकाल छोड़कर दिन का कोई भी शुभ समय मान्य है।
  • •दशमी तिथि 21 अक्टूबर दोपहर 2:11 बजे तक है; आवश्यकता हो तो अगली सुबह का शुभ चौघड़िया भी चुना जा सकता है।

विजय मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त में अंतर

दिन के 15 मुहूर्तों में आठवां मुहूर्त अभिजीत और ग्यारहवां मुहूर्त विजय कहलाता है। अभिजीत मुहूर्त ठीक मध्याह्न के आसपास आता है और इसे लगभग सभी दोषों का शमन करने वाला माना जाता है, जबकि विजय मुहूर्त दोपहर बाद आता है और विशेष रूप से किसी लक्ष्य में सफलता, यात्रा और प्रतियोगिता के लिए शुभ माना जाता है। 20 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में अभिजीत मुहूर्त लगभग सुबह 11:43 से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा, लेकिन उस समय नवमी तिथि है। इसलिए दशहरे के कार्यों के लिए दशमी में आने वाला विजय मुहूर्त ही सर्वश्रेष्ठ है। अभिजीत मुहूर्त के बारे में पढ़ें — अभिजीत मुहूर्त क्या है?

विजय मुहूर्त का पौराणिक महत्व

शास्त्रों में कहा गया है कि आश्विन शुक्ल दशमी को तारा उदय के समय 'विजय' नामक काल होता है, जो सभी कार्यों की सिद्धि देने वाला है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने लंका विजय के लिए इसी मुहूर्त में प्रस्थान किया था, और पांडवों ने भी अज्ञातवास के बाद इसी समय शमी वृक्ष से शस्त्र निकाले थे। इसीलिए राजा-महाराजा दशहरे के विजय मुहूर्त में ही सीमोल्लंघन करके नए अभियानों पर निकलते थे। आज भी यह परंपरा नए कार्य, नई यात्रा और नए संकल्प के रूप में जीवित है।

दशहरे पर विजय मुहूर्त में क्या न करें?

  • •किसी से झगड़ा, वाद-विवाद या कटु वचन न बोलें।
  • •उधार देने या लेने का नया लेन-देन विजय मुहूर्त में न करें — यह शुभ कार्यों के आरंभ का समय है।
  • •बिना तैयारी के जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय न लें; मुहूर्त शुभ है, पर विवेक आवश्यक है।
  • •मांस-मदिरा का सेवन न करें; दशहरा एक पवित्र पर्व है।

विभिन्न कार्यों के लिए विजय मुहूर्त का उपयोग

कार्यक्या करेंविशेष ध्यान
दुकान/दफ्तर उद्घाटनगणेश पूजा के बाद रिबन काटें या ताला खोलेंमुख्य द्वार पर तोरण लगाएं
वाहन डिलीवरीस्वास्तिक, कलावा, नारियलपहली यात्रा मंदिर तक करें
गृह प्रवेश की बुकिंगटोकन राशि दें, दस्तावेज़ पर हस्ताक्षरगृह प्रवेश के लिए अलग मुहूर्त देखें
सोना-चांदीखरीदारी का भुगतान मुहूर्त में करेंपहले से दुकान पर चयन कर लें
विद्यारंभपहला पाठ, पहला अभ्याससरस्वती वंदना करें
नौकरी/प्रोजेक्टज्वाइनिंग, पहली मीटिंग, लॉन्चईमेल या फाइल पर पहला काम

गृह प्रवेश के लिए विशेष मुहूर्त के नियम पढ़ें — गृह प्रवेश मुहूर्त चौघड़िया से, और वाहन खरीद के लिए — गाड़ी खरीदने का मुहूर्त।

सारांश

दशहरा 2026 का विजय मुहूर्त दिल्ली में दोपहर 1:59 से 2:45 बजे तक है (जयपुर में 2:06–2:51, मुंबई में 2:19–3:06)। इसी समय नए कार्य आरंभ करें, लगभग 2:56 बजे से शुरू होने वाले राहुकाल से बचें, और शमी व अपराजिता पूजा अपराह्न काल में पूरी करें। दशहरे की तारीख और अन्य समय के लिए पढ़ें — दशहरा 2026 कब है?

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यह आलेख महर्षि पराशर विरचित वृहत्पाराशर होराशास्त्र, नारद संहिता, मुहूर्त चिंतामणि एवं शास्त्रीय सूर्यसिद्धांत के सूत्रों के गहन अध्ययन व शोध के आधार पर संकलित किया गया है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

दशहरा 2026 का विजय मुहूर्त कब है?

नई दिल्ली में 20 अक्टूबर 2026 को विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 से 2:45 बजे तक है।

विजय मुहूर्त क्या होता है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को 15 मुहूर्तों में बांटने पर ग्यारहवां मुहूर्त 'विजय' कहलाता है, जो सफलता के लिए विशेष शुभ है।

दशहरा 2026 पर राहुकाल कब है?

मंगलवार 20 अक्टूबर को दिल्ली में राहुकाल लगभग दोपहर 2:56 से 4:21 बजे तक है। इस समय नया कार्य आरंभ न करें।

क्या दशहरे पर वाहन खरीदना शुभ है?

हां, विजयादशमी अबूझ मुहूर्त है। विजय मुहूर्त में वाहन खरीदना या उसकी डिलीवरी लेना विशेष शुभ माना जाता है।

जयपुर में दशहरा 2026 का विजय मुहूर्त क्या है?

जयपुर में विजय मुहूर्त 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:06 से 2:51 बजे तक है।

विजय मुहूर्त छूट जाए तो क्या करें?

दशहरा अबूझ मुहूर्त है, इसलिए राहुकाल छोड़कर अपराह्न या दिन का कोई अन्य शुभ समय चुन सकते हैं।

आज का पंचांग (जयपुर)2026-10-16
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