करवा चौथ व्रत भोजन: संक्षिप्त उत्तर
करवा चौथ (29 अक्टूबर 2026) परंपरागत रूप से निर्जला व्रत है — सूर्योदय (दिल्ली में लगभग सुबह 6:31) से चंद्रोदय (दिल्ली रात 8:17, जयपुर रात 8:28) तक न अन्न, न जल। इसलिए सूर्योदय से पहले की सरगी सबसे महत्वपूर्ण है: दूध में पकी फेनी या सेवइयां, भीगे बादाम, खजूर, केला और अनार जैसे फल, पनीर या दही खाएं, और पर्याप्त पानी व नारियल पानी पिएं। नमकीन, तली हुई, बहुत मसालेदार चीज़ें, अधिक चाय-कॉफी और बहुत मीठे व्यंजनों से बचें, क्योंकि ये प्यास बढ़ाते हैं। चंद्रोदय के बाद जल और मिठाई से व्रत खोलें, फिर हल्का, घर का बना भोजन करें — भारी तला-भुना भोज नहीं।
करवा चौथ 2026: व्रत का समय
| शहर | व्रत आरंभ (सूर्योदय) | चंद्रोदय (व्रत समाप्ति) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | सुबह 6:31 | रात 8:17 |
| जयपुर | सुबह 6:34 | रात 8:28 |
| अजमेर | सुबह 6:38 | रात 8:34 |
यानी व्रत लगभग 14 घंटे का है। अन्य शहर — करवा चौथ 2026 चंद्रोदय समय।
सरगी में क्या खाएं?
| भोजन | क्यों |
|---|---|
| दूध में पकी फेनी या सेवइयां | पारंपरिक; धीरे-धीरे ऊर्जा देती है |
| भीगे बादाम, अखरोट | प्रोटीन और अच्छी वसा, देर तक भूख नहीं लगती |
| खजूर, अंजीर | प्राकृतिक शर्करा और फाइबर |
| केला, सेब, अनार, पपीता | ऊर्जा, पोटैशियम, शरीर में पानी |
| पनीर, दही | प्रोटीन; दही शरीर को ठंडक देता है |
| नारियल पानी | इलेक्ट्रोलाइट्स, पानी की कमी से बचाव |
| पानी (2–3 गिलास) | घूंट-घूंट पिएं, एक साथ नहीं |
| कम तेल का पराठा (वैकल्पिक) | कई परिवारों में शामिल |
सरगी की थाली का एक संतुलित उदाहरण
- •एक कटोरी दूध वाली फेनी
- •5-6 भीगे बादाम और 2 अखरोट
- •2 खजूर
- •एक केला और आधा अनार
- •एक कटोरी दही या थोड़ा पनीर
- •एक गिलास नारियल पानी और 2 गिलास सादा पानी
यह थाली प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, अच्छी वसा और पानी — चारों का संतुलन देती है।
सरगी में क्या न खाएं?
- •नमकीन और भुजिया — प्यास बढ़ाते हैं।
- •तले पकौड़े, पूरी — भारी होते हैं और शरीर में पानी की कमी करते हैं।
- •अधिक चाय या कॉफी — मूत्रवर्धक होने से शरीर का पानी कम करती हैं; एक कप से अधिक न लें।
- •बहुत मीठे व्यंजन — शुगर तेज़ी से बढ़कर फिर गिरती है, जिससे थकान होती है।
- •बहुत मसालेदार भोजन — दिन में एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
- •बासी भोजन — पेट खराब होने का खतरा।
दिन में क्या करें?
- •आराम करें; धूप और भारी काम से बचें।
- •यदि स्वास्थ्य की आवश्यकता हो, तो एक घूंट पानी या एक फल लेना स्वीकार्य है — कई परिवारों में फलाहारी व्रत की अनुमति है।
- •भजन, मंत्र जाप या कथा पाठ से मन को शांत रखें।
- •ठंडी जगह पर रहें और अधिक बोलने से बचें — इससे प्यास कम लगती है।
- •मेहंदी लगाते और श्रृंगार करते समय पंखे या कूलर के पास बैठें।
व्रत के दौरान ये संकेत दिखें तो सावधान
- •तेज़ चक्कर आना या बेहोशी जैसा लगना
- •बहुत तेज़ सिरदर्द या धड़कन बढ़ना
- •पेशाब का बहुत गाढ़ा होना या बंद होना
- •मधुमेह रोगियों में पसीना और कंपकंपी (शुगर कम होना)
ऐसी स्थिति में तुरंत पानी, नींबू-पानी या ORS लें और ज़रूरत हो तो डॉक्टर से संपर्क करें। धर्म शास्त्र भी कहते हैं कि शरीर की रक्षा पहला कर्तव्य है।
चंद्रोदय के बाद व्रत कैसे खोलें?
- 1पति के हाथ से पानी पिएं — छोटे घूंट में।
- 2एक मिठाई या कुछ खजूर खाएं।
- 310–15 मिनट रुकें।
- 4हल्का भोजन करें: दाल, मौसमी सब्जी, रोटी, चावल या खिचड़ी, दही।
- 5तुरंत भारी तला भोजन, बहुत सारी मिठाई या कोल्ड ड्रिंक न लें।
पूरी विधि — करवा चौथ का व्रत कब खोलें? चंद्रोदय के बाद सही विधि।
व्रत खोलने के बाद का भोजन: सुझाव
| अच्छा विकल्प | बचें |
|---|---|
| मूंग दाल खिचड़ी | छोले-भटूरे |
| दाल, रोटी, लौकी या तोरी की सब्जी | पूरी-कचौरी |
| दही, छाछ | कोल्ड ड्रिंक |
| सूप | बहुत सारी मिठाई एक साथ |
| फल | तेज़ मसालेदार भोजन |
विशेष सावधानियां
- •गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं: निर्जला व्रत न रखें; पानी, दूध और फल लें। डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
- •मधुमेह, रक्तचाप या किडनी की समस्या: डॉक्टर की सलाह से ही व्रत रखें; नियमित पानी के साथ फलाहारी व्रत अधिक सुरक्षित है।
- •कामकाजी महिलाएं: प्रोटीन से भरपूर सरगी लें, दफ्तर में धूप और भारी काम से बचें, और शाम की पूजा की तैयारी पहले से कर लें।
- •पहली बार व्रत रखने वाली: सरगी में पर्याप्त पानी लें और शुरू से ही आराम का ध्यान रखें।
सरगी के लिए 3 आसान रेसिपी
1. दूध वाली फेनी: एक कप दूध गर्म करें, उसमें फेनी डालें, थोड़ी चीनी और इलायची मिलाकर 2-3 मिनट पकाएं। ऊपर से कटे बादाम डालें। यह जल्दी पचती है और ऊर्जा देती है।
2. मेवे वाला दही: एक कटोरी गाढ़े दही में भीगे बादाम, अखरोट, किशमिश और थोड़ा शहद मिलाएं। यह प्रोटीन से भरपूर है और शरीर को ठंडक देता है।
3. केला-खजूर स्मूदी: एक केला, 3 खजूर और एक गिलास दूध को ब्लेंड करें। यह पेय पानी और ऊर्जा — दोनों देता है।
पानी की कमी से बचने के उपाय
- •सरगी में पानी एक साथ नहीं, घूंट-घूंट पिएं; आधे घंटे में 2-3 गिलास।
- •खीरा, तरबूज़ (मौसम में), संतरा और अनार जैसे पानी वाले फल लें।
- •सरगी में नमक कम रखें।
- •दिन में धूप से बचें और ठंडी जगह पर रहें।
- •मेहंदी लगवाते समय पंखे के नीचे बैठें।
करवा चौथ के बाद अगले दिन
व्रत के अगले दिन (30 अक्टूबर) सुबह नारियल पानी, फल और हल्का नाश्ता लें। शरीर में पानी की कमी पूरी करने के लिए दिन भर पर्याप्त पानी पिएं। भारी और तला भोजन धीरे-धीरे ही शुरू करें।
करवा चौथ से एक दिन पहले की तैयारी
व्रत को आसान बनाने के लिए 28 अक्टूबर से ही तैयारी शुरू करें। उस दिन भरपूर पानी पिएं, नारियल पानी और छाछ लें, और रात को हल्का भोजन करके समय पर सो जाएं। बहुत नमकीन, मसालेदार या तला भोजन एक दिन पहले भी न करें, ताकि अगले दिन प्यास कम लगे। सरगी की सामग्री — भीगे बादाम, फेनी, फल — रात में ही तैयार कर लें, ताकि सुबह जल्दी में परेशानी न हो।
कामकाजी महिलाओं के लिए विशेष सुझाव
- •दफ्तर में भारी काम और धूप में बाहर जाने से बचें; संभव हो तो उस दिन आधे दिन की छुट्टी लें।
- •प्यास कम लगे, इसके लिए कम बोलें और ठंडी जगह पर रहें।
- •शाम की पूजा की थाली और सामग्री एक दिन पहले तैयार कर लें।
- •घर लौटकर कुछ देर आराम करें, फिर श्रृंगार और पूजा करें।
सारांश
29 अक्टूबर 2026 के करवा चौथ पर सुबह 6:31 (दिल्ली) से पहले संतुलित सरगी लें — दूध में फेनी, मेवे, फल, दही और पानी — और नमकीन, तली व कैफीन वाली चीज़ों से बचें। चंद्रोदय के बाद धीरे-धीरे व्रत खोलें और हल्का भोजन करें। स्वास्थ्य सर्वोपरि है — आवश्यकता हो तो फलाहारी व्रत रखें।
अखंड सौभाग्यवती भव!



