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गणेश चतुर्थी 2027 कब है? गणपति स्थापना मुहूर्त और विसर्जन

गणेश चतुर्थी 2027 शनिवार 4 सितंबर को है। गणपति स्थापना मुहूर्त सुबह 11:04–दोपहर 12:25 (दिल्ली), चंद्र दर्शन से बचने का समय, पूजा विधि और 14 सितंबर को विसर्जन।

ज्योतिष अनुसंधान केंद्र·6 मिनट पठन·अंतिम अपडेट: 9 अक्टू॰ 2026
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गणेश चतुर्थी 2027 कब है? गणपति स्थापना मुहूर्त और विसर्जन
✨प्रामाणिक वैदिक संदर्भ सचित्र

मुख्य वैदिक बिंदु (Key Highlights)

गणेश चतुर्थी 2027 शनिवार 4 सितंबर को है। गणपति स्थापना मुहूर्त सुबह 11:04–दोपहर 12:25 (दिल्ली), चंद्र दर्शन से बचने का समय, पूजा विधि और 14 सितंबर को विसर्जन।

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गणेश चतुर्थी 2027: संक्षिप्त उत्तर

गणेश चतुर्थी 2027 शनिवार, 4 सितंबर 2027 को है। नई दिल्ली में मध्याह्न गणपति स्थापना मुहूर्त सुबह 11:04 से दोपहर 12:25 तक (1 घंटा 21 मिनट) है। चतुर्थी तिथि 3 सितंबर दोपहर 2:18 से 4 सितंबर दोपहर 12:25 तक रहेगी। गणेश विसर्जन (अनंत चतुर्दशी) मंगलवार, 14 सितंबर 2027 को है।

विवरण2027 (दिल्ली)
गणेश चतुर्थीशनिवार, 4 सितंबर
मध्याह्न स्थापना मुहूर्तसुबह 11:04 – दोपहर 12:25
चतुर्थी तिथि3 सितंबर दोपहर 2:18 – 4 सितंबर दोपहर 12:25
चंद्र दर्शन वर्जित3 सितंबर दोपहर 2:18 – रात 8:06; 4 सितंबर सुबह 9:45 – रात 8:43
हरतालिका तीजशुक्रवार, 3 सितंबर
गणेश विसर्जन (अनंत चतुर्दशी)मंगलवार, 14 सितंबर

मुंबई, पुणे, जयपुर आदि शहरों में मध्याह्न का समय अलग होगा — अपने शहर का समय [पंचांग](/panchang) में देखें।

गणेश चतुर्थी 4 सितंबर को ही क्यों?

गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाई जाती है, और नियम यह है कि जिस दिन मध्याह्न (दोपहर) में चतुर्थी हो, उसी दिन गणपति स्थापना की जाए — क्योंकि मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न में हुआ था। 3 सितंबर को चतुर्थी दोपहर 2:18 से शुरू होती है, यानी उस दिन का मध्याह्न तृतीया में है; 4 सितंबर को मध्याह्न का पहला भाग चतुर्थी में है (चतुर्थी दोपहर 12:25 तक)। इसलिए गणेश चतुर्थी 4 सितंबर को है।

स्थापना मुहूर्त केवल 81 मिनट क्यों?

सामान्यतः मध्याह्न मुहूर्त 2 घंटे से अधिक का होता है, लेकिन 2027 में चतुर्थी तिथि 4 सितंबर दोपहर 12:25 पर समाप्त हो रही है, इसलिए स्थापना का शुभ समय छोटा — सुबह 11:04 से दोपहर 12:25 — रह गया है। स्थापना इसी समय में करने का प्रयास करें। यदि किसी कारण से यह समय छूट जाए, तो शास्त्रीय मत है कि सुबह चतुर्थी रहते संकल्प ले लें और बाद में शुभ चौघड़िया (राहुकाल छोड़कर) में स्थापना करें। चौघड़िया देखने के लिए — चौघड़िया कैसे देखें?; शनिवार को राहुकाल सामान्यतः सुबह 9 से 10:30 के आसपास होता है — राहु काल क्या होता है?

चंद्र दर्शन क्यों वर्जित है?

पौराणिक कथा के अनुसार गणेश जी ने चंद्रमा को श्राप दिया था, इसलिए भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को चंद्रमा देखने से मिथ्या कलंक (झूठा आरोप) लगता है। भगवान श्रीकृष्ण पर भी स्यमंतक मणि की चोरी का झूठा आरोप इसी कारण लगा था। इसलिए इसे कलंक चतुर्थी भी कहते हैं।

2027 में चंद्र दर्शन से बचें:

  • 3 सितंबर: दोपहर 2:18 से रात 8:06 तक
  • 4 सितंबर: सुबह 9:45 से रात 8:43 तक
  • यदि गलती से चंद्रमा दिख जाए, तो स्यमंतक मणि की कथा पढ़ें या सुनें, अथवा इस मंत्र का जाप करें: "सिंहः प्रसेनमवधीत्सिंहो जाम्बवता हतः। सुकुमारक मारोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः॥"

    गणपति स्थापना की सामग्री

    • •मिट्टी की गणेश प्रतिमा (पर्यावरण के अनुकूल)
    • •चौकी, लाल या पीला कपड़ा, कलश, आम के पत्ते, नारियल
    • •दूर्वा (21 गांठें), लाल फूल, जनेऊ, सिंदूर
    • •मोदक, बेसन/मोतीचूर के लड्डू, केला
    • •रोली, अक्षत, हल्दी, चंदन, धूप, दीप, कपूर
    • •पान, सुपारी, लौंग, इलायची

    गणपति स्थापना और पूजा विधि

    1. 1पूजा स्थान साफ करें; चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।
    2. 2कलश स्थापित करें — जल, सुपारी, सिक्का, आम के पत्ते और नारियल के साथ।
    3. 3मुहूर्त में गणेश प्रतिमा का मुख पूर्व या उत्तर की ओर रखकर स्थापित करें।
    4. 4"ॐ गं गणपतये नमः" के साथ प्राण प्रतिष्ठा करें।
    5. 5षोडशोपचार पूजा — आवाहन, आसन, पाद्य, अर्घ्य, स्नान, वस्त्र, जनेऊ, चंदन, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य आदि।
    6. 621 दूर्वा, लाल फूल और सिंदूर अर्पित करें — गणेश जी को तुलसी नहीं चढ़ाई जाती।
    7. 721 मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
    8. 8गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें और आरती करें।
    9. 9विसर्जन तक प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा और आरती करें।

    गणेश विसर्जन 2027

    गणपति को 1.5, 3, 5, 7 या 10 दिन तक घर में रखा जाता है। पूरे दस दिन के उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी — मंगलवार, 14 सितंबर 2027 को होता है। विसर्जन से पहले उत्तर पूजा करें, क्षमा प्रार्थना करें और "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ" के जयघोष के साथ विदाई दें। पर्यावरण के लिए मिट्टी की प्रतिमा का घर में ही बाल्टी या टब में विसर्जन करें, और उस मिट्टी को गमले में डाल दें।

    हरतालिका तीज 2027

    गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले, शुक्रवार, 3 सितंबर 2027 को हरतालिका तीज है, जब महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।

    गणेश जी के जन्म की कथा

    शिव पुराण के अनुसार माता पार्वती ने स्नान से पहले अपने शरीर के उबटन से एक बालक बनाकर उसमें प्राण डाले और उसे द्वार पर पहरा देने को कहा। भगवान शिव जब आए, तो बालक ने माता की आज्ञा के अनुसार उन्हें भीतर जाने से रोक दिया। युद्ध में शिव जी ने उस बालक का सिर काट दिया। पार्वती जी के दुख और क्रोध को शांत करने के लिए शिव जी ने उत्तर दिशा में मिले पहले प्राणी — एक हाथी के बच्चे — का सिर लाकर बालक को जीवित किया और उसे गणों का अधिपति (गणपति) तथा प्रथम पूज्य होने का वरदान दिया। यह घटना भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी की मानी जाती है।

    गणेशोत्सव 2027: स्थापना से विसर्जन तक

    स्थापना के बादतारीखविसर्जन की परंपरा
    डेढ़ दिनरविवार, 5 सितंबरकई महाराष्ट्रीय परिवार
    तीसरा दिनसोमवार, 6 सितंबर—
    पांचवां दिनबुधवार, 8 सितंबर—
    सातवां दिनशुक्रवार, 10 सितंबर—
    अनंत चतुर्दशी (दसवां दिन से आगे)मंगलवार, 14 सितंबरसार्वजनिक पंडाल

    दिन स्थापना (4 सितंबर) को पहला दिन मानकर गिने गए हैं; परिवार अपनी परंपरा के अनुसार विसर्जन का दिन चुनते हैं।

    सार्वजनिक गणेशोत्सव का इतिहास

    घरों में गणेश चतुर्थी सदियों से मनाई जाती रही, लेकिन लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने 1893 में पुणे से सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत की, ताकि अंग्रेज़ी शासन के दौरान लोग एकजुट हो सकें। आज मुंबई के लालबागचा राजा और पुणे के दगडूशेठ हलवाई गणपति जैसे पंडाल देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं।

    पर्यावरण के अनुकूल गणेशोत्सव

    • •प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) के बजाय शाडू मिट्टी की प्रतिमा लें — यह पानी में घुल जाती है।
    • •प्राकृतिक रंगों वाली प्रतिमा चुनें।
    • •सजावट में थर्मोकोल और प्लास्टिक के बजाय फूल, पत्ते और कपड़े का उपयोग करें।
    • •घर पर बाल्टी या टब में विसर्जन करें और मिट्टी को पौधों में डालें।
    • •"ट्री गणेश" — बीज वाली प्रतिमाएं भी उपलब्ध हैं, जिनसे विसर्जन के बाद पौधा उगता है।

    सारांश

    गणेश चतुर्थी 2027 शनिवार, 4 सितंबर को है; स्थापना दिल्ली में सुबह 11:04 से दोपहर 12:25। चंद्र दर्शन से बचें, और 14 सितंबर को विसर्जन करें। हर महीने की चतुर्थी के बारे में — संकष्टी चतुर्थी क्या है?

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    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

    गणेश चतुर्थी 2027 कब है?

    गणेश चतुर्थी शनिवार, 4 सितंबर 2027 को है।

    गणपति स्थापना 2027 का शुभ मुहूर्त क्या है?

    नई दिल्ली में 4 सितंबर को सुबह 11:04 से दोपहर 12:25 तक मध्याह्न स्थापना मुहूर्त है।

    2027 में चतुर्थी तिथि कब से कब तक है?

    चतुर्थी तिथि 3 सितंबर दोपहर 2:18 से 4 सितंबर दोपहर 12:25 तक है।

    गणेश चतुर्थी 2027 पर चंद्र दर्शन कब न करें?

    3 सितंबर दोपहर 2:18 से रात 8:06 तक और 4 सितंबर सुबह 9:45 से रात 8:43 तक चंद्रमा न देखें।

    गणेश विसर्जन 2027 कब है?

    अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन मंगलवार, 14 सितंबर 2027 को है।

    गणेश जी को कितनी दूर्वा चढ़ाएं?

    परंपरा के अनुसार 21 दूर्वा (या दूर्वा की 21 गांठें) और 21 मोदक अर्पित किए जाते हैं।

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