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दशहरा 2026 पर कौन सा काम करना शुभ माना जाता है?

दशहरा 2026 (20 अक्टूबर) पर करने योग्य 15 शुभ कार्य — शमी और अपराजिता पूजा, नए कार्य का आरंभ, वाहन व सोने की खरीद, नीलकंठ दर्शन, सरल उपाय और किन कामों से बचें।

ज्योतिष अनुसंधान केंद्र·7 मिनट पठन·अंतिम अपडेट: 9 अक्टू॰ 2026
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दशहरा 2026 पर कौन सा काम करना शुभ माना जाता है?
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मुख्य वैदिक बिंदु (Key Highlights)

दशहरा 2026 (20 अक्टूबर) पर करने योग्य 15 शुभ कार्य — शमी और अपराजिता पूजा, नए कार्य का आरंभ, वाहन व सोने की खरीद, नीलकंठ दर्शन, सरल उपाय और किन कामों से बचें।

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दशहरा 2026 पर शुभ कार्य: संक्षिप्त उत्तर

दशहरा 2026 मंगलवार, 20 अक्टूबर को है और यह वर्ष के स्वयं सिद्ध (अबूझ) मुहूर्तों में से एक है, इसलिए इस दिन अधिकांश शुभ कार्य अलग से मुहूर्त देखे बिना आरंभ किए जा सकते हैं। सबसे शुभ कार्य हैं: अपराह्न काल (दिल्ली में लगभग दोपहर 1:14 से 3:30) में शमी और अपराजिता पूजा; विजय मुहूर्त (दोपहर 1:59 से 2:45) में नया काम, व्यापार या पढ़ाई का आरंभ; वाहन, सोना या संपत्ति की खरीद; शस्त्र पूजा; बड़ों का आशीर्वाद; शमी/आपटा पत्र का आदान-प्रदान; और सूर्यास्त के बाद रावण दहन। राहुकाल (लगभग दोपहर 2:56 से 4:21) से बचें।

दशहरा 2026: शुभ समय एक नज़र में

कार्यसमय (नई दिल्ली)
नवमी पूजन, कन्या पूजन, हवनसुबह से दोपहर 12:50 तक
शमी पूजा, अपराजिता पूजादोपहर लगभग 1:14 – 3:30
नया कार्य, वाहन, सोनाविजय मुहूर्त दोपहर 1:59 – 2:45
राहुकाल (त्याज्य)दोपहर लगभग 2:56 – 4:21
रावण दहनसूर्यास्त (लगभग 5:46) के बाद

दशहरे पर करने योग्य 15 शुभ कार्य

1. शमी पूजा अपराह्न में शमी वृक्ष की पूजा करें — जल अर्पित करें, रोली-अक्षत चढ़ाएं, कलावा बांधें और दीपक जलाएं। कुछ पत्ते सम्मानपूर्वक घर लाकर तिजोरी में रखें। शमी को विजय, धन और शनि दोष से राहत का प्रतीक माना जाता है।

2. अपराजिता पूजा विजय और रक्षा के लिए मां अपराजिता की पूजा करें। ईशान कोण में अष्टदल कमल बनाकर 'ॐ अपराजितायै नमः' मंत्र से आवाहन करें।

3. शस्त्र पूजा हथियार, औज़ार, वाहन, पुस्तकें और वाद्य यंत्रों की पूजा करें। विधि पढ़ें — [विजयादशमी पर शस्त्र पूजा कैसे करें?](/guides/vijayadashami-shastra-puja-vidhi-muhurat)

4. विजय मुहूर्त में नया कार्य व्यापार, नौकरी, कोर्स या नया प्रोजेक्ट — विजय मुहूर्त में आरंभ करें। पूरी जानकारी — [दशहरा 2026 विजय मुहूर्त](/guides/dussehra-2026-vijay-muhurat-naya-kaam)।

5. वाहन की खरीद नया वाहन लेना या उसकी डिलीवरी इस दिन बहुत शुभ है। स्वास्तिक बनाकर, कलावा बांधकर और नारियल फोड़कर वाहन की पूजा करें।

6. सोना, चांदी या संपत्ति की खरीद कई परिवार दशहरे को सोना-चांदी खरीदने के लिए धनतेरस जितना ही शुभ मानते हैं। संपत्ति की बुकिंग या रजिस्ट्री के लिए भी यह दिन श्रेष्ठ है।

7. विद्यारंभ बच्चों की पढ़ाई, संगीत, नृत्य या किसी नए कौशल की शुरुआत करें। दक्षिण भारत में इस दिन छोटे बच्चों का विद्यारंभम् संस्कार होता है।

8. सीमोल्लंघन अपने गांव या क्षेत्र की सीमा को प्रतीकात्मक रूप से पार करना — यह नई चुनौतियों को स्वीकार करने और आगे बढ़ने का प्रतीक है।

9. नीलकंठ दर्शन नीलकंठ पक्षी का दर्शन दशहरे पर अत्यंत शुभ माना जाता है। लोक मान्यता है कि नीलकंठ भगवान शिव का प्रतीक है और इसके दर्शन से वर्ष भर सौभाग्य बना रहता है।

10. राम और हनुमान जी की पूजा सुंदरकांड, रामरक्षा स्तोत्र या हनुमान चालीसा का पाठ करें। भगवान राम को तुलसी दल के साथ भोग लगाएं।

11. बड़ों का आशीर्वाद परिवार और समाज के बड़ों के चरण स्पर्श करें और उन्हें शमी या आपटा के पत्ते भेंट करें। महाराष्ट्र में "सोनं घ्या, सोन्यासारखं राहा" (सोना लो, सोने जैसे रहो) कहकर आपटा पत्र दिए जाते हैं।

12. दान ज़रूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें। दशहरे पर किया गया दान विजय और पुण्य दोनों देने वाला माना जाता है।

13. पशु-पक्षियों की सेवा गाय को रोटी और गुड़, पक्षियों को दाना और कुत्तों को भोजन दें।

14. नवरात्रि का समापन यदि नवमी के बाद नहीं किया है, तो कलश और जवारे का विसर्जन करें। 2026 में नवमी 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे तक है।

15. रावण दहन और संकल्प परिवार के साथ रावण दहन देखें और अपनी एक बुरी आदत छोड़ने का संकल्प लें। रावण दहन का अर्थ पढ़ें — [दशहरे पर रावण दहन क्यों किया जाता है?](/guides/ravan-dahan-kyon-kiya-jata-hai)

दशहरे के सरल उपाय (पारंपरिक मान्यताएं)

  • •समृद्धि के लिए: शमी के पत्तों को लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रखें।
  • •अटके कार्य की सफलता के लिए: हनुमान जी को नारियल अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • •शनि पीड़ा से राहत के लिए: शाम को शमी वृक्ष के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं।
  • •विवाद में विजय के लिए: मां अपराजिता की पूजा करके 'ॐ अपराजितायै नमः' का 108 बार जाप करें।
  • •घर में सुख-शांति के लिए: भगवान राम को जलेबी और पान का भोग लगाकर परिवार में बांटें।
  • •नौकरी में उन्नति के लिए: विजय मुहूर्त में अपने कार्य से जुड़े किसी साधन (लैपटॉप, कलम, फाइल) की पूजा करें।

ये उपाय लोक परंपराओं पर आधारित हैं। इन्हें श्रद्धा के साथ करें, अंधविश्वास के रूप में नहीं।

दशहरे पर क्या खरीदना शुभ है?

वस्तुक्यों शुभ
वाहननई यात्रा और प्रगति का प्रतीक
सोना-चांदीस्थायी समृद्धि
संपत्ति / घरअबूझ मुहूर्त में स्थायी निवेश
इलेक्ट्रॉनिक्स और औज़ारकार्य के नए साधन
पुस्तकें और वाद्य यंत्रविद्या और कला
नए वस्त्रउत्सव और नई शुरुआत

दशहरे पर क्या न करें?

  • •राहुकाल में कोई महत्वपूर्ण कार्य आरंभ न करें।
  • •शमी के वृक्ष को काटें या नुकसान न पहुंचाएं।
  • •झगड़ा, झूठ और कटु वचनों से बचें।
  • •इस पवित्र दिन मांस और मदिरा का सेवन न करें।
  • •हर्ष फायरिंग या असुरक्षित पटाखे न चलाएं।
  • •किसी का अपमान न करें — विशेषकर बड़ों और महिलाओं का।
  • •उधार लेने-देने का नया लेन-देन इस दिन टालना बेहतर माना जाता है।

राजस्थान में दशहरे की परंपराएं

राजस्थान में दशहरे का विशेष महत्व है। कोटा का दशहरा मेला राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है, जहां विशाल रावण दहन के साथ कई सप्ताह तक मेला लगता है। राजपूत परिवारों में कुलदेवी के समक्ष शस्त्र पूजन होता है। गांवों में किसान हल और बैलों की पूजा करते हैं और कई स्थानों पर इस दिन घोड़ों का श्रृंगार किया जाता है। जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में रामलीला और रावण दहन के बड़े आयोजन होते हैं।

परिवार के साथ दशहरा कैसे मनाएं?

  • •सुबह: नवमी पूजन और कन्या पूजन (2026 में दोपहर 12:50 से पहले), फिर नवरात्रि पारण।
  • •दोपहर: परिवार के साथ शमी और अपराजिता पूजा, शस्त्र पूजा और विजय मुहूर्त में किसी नए कार्य का आरंभ।
  • •शाम: बच्चों को रामकथा सुनाएं, फिर रावण दहन देखने जाएं।
  • •रात: घर लौटकर बड़ों के चरण स्पर्श करें, पान और मिठाई बांटें और मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं।

इस तरह दिन भर का कार्यक्रम पूजा, परिवार और उत्सव — तीनों को संतुलित करता है। दशहरे के बाद की तैयारी के रूप में दिवाली की सफाई भी इसी समय से शुरू करने की परंपरा है। दिवाली की तारीख जानें — दिवाली 2026 कब है?

दशहरे पर बच्चों के लिए गतिविधियां

  • •रामायण की कहानी पर आधारित चित्र बनाना या रामलीला देखना।
  • •कागज़ पर अपनी एक बुरी आदत लिखकर उसे "रावण" मानकर त्यागने का संकल्प।
  • •शमी के पत्ते इकट्ठा करके बड़ों को भेंट करना।
  • •अपनी किताबों और कॉपियों की पूजा करके नए विषय की पढ़ाई शुरू करना।
  • •दादा-दादी से अपने क्षेत्र के दशहरे की पुरानी परंपराओं के बारे में सुनना।

दशहरे पर क्या दान करें?

दानफल (पारंपरिक मान्यता)
अन्न और भोजनघर में धन-धान्य की वृद्धि
वस्त्रमान-सम्मान
पुस्तकें और स्टेशनरीविद्या का पुण्य
गुड़ और चनामंगल और शनि दोष में राहत
दीपक और तेलनकारात्मकता का नाश

शमी पत्र भेंट करने का सही तरीका

दशहरे की शाम या रावण दहन के बाद परिवार के बड़ों, मित्रों और पड़ोसियों से मिलने जाएं और उन्हें शमी या आपटा के पत्ते भेंट करें। छोटे सदस्य बड़ों के चरण स्पर्श करके पत्ते देते हैं और बड़े आशीर्वाद के रूप में उन्हें स्वीकार करते हैं। यह परंपरा आपसी मनमुटाव भुलाकर फिर से संबंध जोड़ने का सुंदर अवसर भी है। घर लाए गए शमी पत्र को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या पूजा स्थान पर अगले दशहरे तक रखें।

सारांश

दशहरा 2026 (20 अक्टूबर) अबूझ मुहूर्त है। दोपहर में शमी और अपराजिता पूजा करें, विजय मुहूर्त (दिल्ली में 1:59–2:45) में नए कार्य आरंभ करें, योजना हो तो वाहन या सोना खरीदें, बड़ों का सम्मान करें, दान दें और सूर्यास्त के बाद रावण दहन देखें — राहुकाल और नकारात्मकता से दूर रहें। दशहरे की पूजा सामग्री के लिए देखें — दशहरा पूजा की सामग्री लिस्ट 2026।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

दशहरे पर क्या करना शुभ होता है?

शमी पूजा, अपराजिता पूजा, शस्त्र पूजा, विजय मुहूर्त में नया कार्य, वाहन या सोने की खरीद, बड़ों का आशीर्वाद, दान और रावण दहन देखना शुभ माना जाता है।

दशहरा 2026 पर वाहन खरीदने का शुभ समय क्या है?

दिल्ली में विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 से 2:45 बजे तक सबसे शुभ है। राहुकाल (लगभग 2:56 से 4:21) से बचें।

दशहरे पर नीलकंठ दर्शन क्यों शुभ है?

नीलकंठ पक्षी को भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है और मान्यता है कि श्रीराम को रावण वध से पहले इसके दर्शन हुए थे, इसलिए इसे विजय और सौभाग्य का संकेत माना जाता है।

दशहरे पर शमी के पत्ते क्यों बांटे जाते हैं?

शमी और आपटा के पत्तों को सोने का प्रतीक माना जाता है, जो राजा रघु और कौत्स की कथा से जुड़ा है। इन्हें बांटना समृद्धि की शुभकामना है।

दशहरे पर क्या नहीं करना चाहिए?

राहुकाल में नया कार्य, शमी वृक्ष को नुकसान, झगड़ा, मांस-मदिरा, हर्ष फायरिंग और किसी का अपमान — इनसे बचना चाहिए।

क्या दशहरे पर सोना खरीदना शुभ है?

हां, दशहरा अबूझ मुहूर्त है और कई परिवार इसे सोना-चांदी खरीदने के लिए धनतेरस जितना ही शुभ मानते हैं।

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