अखिल भारत · लक्ष्मी पूजा · प्रदोष · अमावस्या

दीवाली

Diwali

8 नवंबर 2026 · राजस्थान · Apna Panchang

इस दिनांक का पंचांग

यह पर्व संपूर्ण भारत में मनाया जाता है। त्योहार के दिन अपने चुने हुए शहर जयपुर का पंचांग देखें।

सूर्योदय
06:41 AM
सूर्यास्त
05:39 PM
राहुकाल
04:17 PM – 05:39 PM
प्रदोष काल
05:39 PM – 08:03 PM

जयपुर पंचांग, 8 नवंबर 2026

इस वर्ष का विशेष विवरण

दीवाली (लक्ष्मी पूजा) कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या — 8 नवंबर 2026 — है। दीप, नए खातों की चोपड़ा पूजन, और संध्या के बाद लक्ष्मी-गणेश की आराधना इस रात को बाँधते हैं। जोहरी बाज़ार और सोजाती गेट की दुकानें देर तक खुलती हैं; मेवाड़ हवेलियाँ देहरी पर मांडना खींचती हैं।

सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल लक्ष्मी पूजा की सामान्य घड़ी है। अमावस्या और प्रदोष की सीमा नगर के सूर्य समय से खिसकती है।

पहला दीया जलाने से पहले 8 नवंबर का अपने नगर का पंचांग खोलें — सूर्यास्त, लक्ष्मी पूजा की खिड़की, राहु काल।

दीवाली की तिथि

दीवाली कार्तिक कृष्ण अमावस्या है। दीप और लक्ष्मी-गणेश पूजा उसी अमावस्या की संध्या पर हैं, न कि केवल कैलेंडर की तारीख पर। अमावस्या दो नागरिक दिनों पर फैल सकती है — सूर्यास्त और प्रदोष अपने नगर के पंचांग से लें।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (प्रदोष)

प्रदोष सूर्यास्त से लगभग तीन मुहूर्त (करीब 2 घंटे 24 मिनट) तक माना जाता है। यही लक्ष्मी पूजा की सामान्य खिड़की है। निशीथ कुछ घरों में गहरी रात की पूजा है — परिवार की रीत देखें। राहु काल यदि प्रदोष से कटे तो संकल्प राहु से बाहर रखें।

पूजा विधि

देहरी और चौकी साफ़ करें, मांडना या रंगोली, गणेश-लक्ष्मी की स्थापना, दीप, पुष्प, मिष्ठान और नए खातों की चोपड़ा पूजन। राजस्थान की हवेलियाँ देहरी पर मांडना खींचती हैं; जोहरी बाज़ार देर तक खुलता है। विधि घर की है — पंचांग केवल घड़ियाँ देता है।

मंत्र

सामान्य जप: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः। दीप के समय गणेश का एक स्मरण पहले, फिर लक्ष्मी। लंबा स्तोत्र पंडित या घर की पुस्तक से लें; यहाँ केवल स्मरण है।

संबंधित पर्व एवं त्योहार

पंचांग से जुड़े मुख्य प्रश्नोत्तर

दीवाली 2026 और 2027 कब है?
2026 में दीवाली 8 नवंबर है; 2027 में 29 अक्टूबर। दोनों कार्तिक अमावस्या हैं — अपने नगर का सूर्यास्त और प्रदोष उसी दिन के पंचांग पर देखें।
लक्ष्मी पूजा कब करें?
सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में। यह खिड़की जयपुर और जैसलमेर में मिनट भर अलग होगी।
राहु काल में दीया जलाएँ?
अधिकतर परिवार नया संकल्प राहु काल से बाहर रखते हैं। पहले से जलता दीप जारी रह सकता है — घर की रीत देखें।

सभी त्योहार · 2026 हिन्दू कैलेंडर