आज का राहुकाल मुजफ्फरनगर — 3 नवंबर 2026

मंगलवार · Muzaffarnagar, Uttar Pradesh

राहुकाल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) के आठ बराबर भागों में से वार के अनुसार तय एक भाग है, जिसे नया काम, यात्रा या शुभ संस्कार शुरू करने के लिए टाला जाता है। आज 3 नवंबर 2026 को मुजफ्फरनगर में यह 02:47 PM – 04:09 PM है।

राहुकाल

02:47 PM – 04:09 PM

सूर्योदय 06:33 AM · सूर्यास्त 05:31 PM

यमगंड
09:18 AM – 10:40 AM
गुलिक काल
12:02 PM – 01:24 PM
अभिजित मुहूर्त
11:40 AM – 12:24 PM

मुजफ्फरनगर में अगले 7 दिनों का राहुकाल

दिनांकवारसूर्योदयराहुकाल
3 नवंबर 2026मंगलवार06:33 AM02:47 PM – 04:09 PM
4 नवंबर 2026बुधवार06:34 AM12:02 PM – 01:24 PM
5 नवंबर 2026गुरुवार06:35 AM01:24 PM – 02:46 PM
6 नवंबर 2026शुक्रवार06:35 AM10:41 AM – 12:02 PM
7 नवंबर 2026शनिवार06:36 AM09:19 AM – 10:41 AM
8 नवंबर 2026रविवार06:37 AM04:06 PM – 05:28 PM
9 नवंबर 2026सोमवार06:38 AM07:59 AM – 09:20 AM

वार के अनुसार राहुकाल का भाग

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। हर वार का राहुकाल एक निश्चित भाग है; घड़ी का समय शहर के सूर्योदय से बदलता है।

वारदिन का भाग
सोमवारदूसरा भाग (8 में से)
मंगलवारसातवाँ भाग (8 में से)
बुधवारपाँचवाँ भाग (8 में से)
गुरुवारछठा भाग (8 में से)
शुक्रवारचौथा भाग (8 में से)
शनिवारतीसरा भाग (8 में से)
रविवारआठवाँ भाग (8 में से)

राहुकाल कैसे निकाला जाता है?

अपना पंचांग मुजफ्फरनगर के अक्षांश-देशांतर से सूर्योदय और सूर्यास्त निकालता है, दिन को आठ बराबर भागों में बाँटता है, और वार के अनुसार राहुकाल का भाग चुनता है। यमगंड और गुलिक काल भी इन्हीं आठ भागों से निकलते हैं। सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं।

राहुकाल में क्या नहीं करना चाहिए?

दिन का अशुभ कालखंड। इस समय शुभ कार्य या नवीन यात्रा प्रारंभ नहीं करनी चाहिए।

संपूर्ण पंचांग देखें → · आज का चौघड़िया · पंचांग गणना विधि

पंचांग से जुड़े मुख्य प्रश्नोत्तर

आज (3 नवंबर 2026) मुजफ्फरनगर में राहुकाल कब है?
आज, 3 नवंबर 2026 को मुजफ्फरनगर में राहुकाल 02:47 PM – 04:09 PM है। यह समय स्थानीय सूर्योदय 06:33 AM और सूर्यास्त 05:31 PM से निकाला गया है।
कल मुजफ्फरनगर में राहुकाल कब है?
कल, 4 नवंबर 2026 (बुधवार) को मुजफ्फरनगर में राहुकाल 12:02 PM – 01:24 PM है।
राहुकाल कब होता है?
दिन को सूर्योदय से सूर्यास्त तक आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। वार के अनुसार एक भाग राहुकाल होता है।
राहुकाल में क्या नहीं करना चाहिए?
वैदिक परम्परा में अधिकतर परिवार इस समय नया काम, यात्रा, परीक्षा निकलना या शुभ संस्कार शुरू नहीं करते।
अलग-अलग शहरों में राहुकाल क्यों बदलता है?
सूर्योदय स्थानीय अक्षांश-देशांतर पर निर्भर करता है, इसलिए अलग-अलग शहरों का राहुकाल मिनट-दर-मिनट भिन्न होता है।