अखिल भारत · कृष्ण अष्टमी · निशीथ
कृष्ण जन्माष्टमी
Krishna Janmashtami
4 सितंबर 2026 · राजस्थान · Apna Panchang
इस दिनांक का पंचांग
यह पर्व संपूर्ण भारत में मनाया जाता है। त्योहार के दिन अपने चुने हुए शहर जयपुर का पंचांग देखें।
- सूर्योदय
- 06:07 AM
- सूर्यास्त
- 06:44 PM
- राहुकाल
- 10:51 AM – 12:25 PM
- निशीथ काल
- 12:03 AM – 12:48 AM
इस वर्ष का विशेष विवरण
कृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण अष्टमी — 4 सितंबर 2026 — है। जन्म अधिकतर वैष्णव घरों में निशीथ (मध्यरात्रि) पर मनाया जाता है; जयपुर, नाथद्वारा और खाटू के मंदिर रात्रि जागरण, झाँकी और कुछ मोहल्लों में अगली सुबह दही-हंडी रखते हैं।
निशीथ स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त पर टिका है, इसलिए बीकानेर और उदयपुर में मध्यरात्रि की घंटी एक ही मिनट नहीं बजती।
अष्टमी की सीमा, निशीथ, और यदि पूजा अगली सुबह तक चले तो राहु काल — इनके लिए 4 सितंबर का अपने नगर का पंचांग पढ़ें।
जन्म कब मनाएँ
अधिकतर वैष्णव घर निशीथ (मध्यरात्रि के आसपास का पहर) पर जन्म मनाते हैं। निशीथ सूर्यास्त से अगले सूर्योदय के पंद्रह भागों में आठवें के पास है — जयपुर और उदयपुर एक मिनट नहीं।
विधि
उपवास, झूला, भोग, और निशीथ पर अभिषेक या आरती। कुछ मोहल्ले अगली सुबह दही-हंडी रखते हैं। नाथद्वारा और खाटू की रात्रि झाँकी स्थानीय समय से चलती है।
संबंधित पर्व एवं त्योहार
पंचांग से जुड़े मुख्य प्रश्नोत्तर
- जन्माष्टमी 2027 कब है?
- 25 अगस्त 2027। निशीथ अपने नगर के सूर्यास्त से निकालें।
