आज का चौघड़िया पुरी — दिन और रात का चौघड़िया

30 अक्टूबर 2026 · Puri, Odisha

🟢 अमृत🟢 शुभ🟢 लाभ🟡 चर🔴 रोग🔴 काल🔴 उद्वेग

दिन का चौघड़िया

सूर्य सिद्धांत पर आधारित अष्टम भाग चौघड़िया मुहूर्त

✨ 3 शुभ मुहूर्त
  1. ⚡

    चल

    सामान्य / चर

    यात्रा, वाहन व गतिशीलता के कार्य

    05:46 AMसे 07:12 AM
  2. ✨

    लाभ

    उत्तम व शुभ

    व्यापार, धन लाभ व नया कार्य आरंभ

    07:12 AMसे 08:38 AM
  3. ✨

    अमृत

    उत्तम व शुभ

    सर्व कार्य सिद्धि, अमृत तुल्य फल

    08:38 AMसे 10:04 AM
  4. ⚠️

    काल

    अशुभ / त्याज्य

    हानि व कलह भय, सर्वथा त्याज्य

    10:04 AMसे 11:30 AM
  5. ✨

    शुभ

    उत्तम व शुभ

    विवाह, धार्मिक व मांगलिक कार्य

    11:30 AMसे 12:56 PM
  6. ⚠️

    रोग

    अशुभ / त्याज्य

    रोग भय, नया कार्य वर्जित

    12:56 PMसे 02:21 PM
  7. ⚠️

    उद्वेग

    अशुभ / त्याज्य

    मानसिक अशांति, सरकारी कार्य से बचें

    02:21 PMसे 03:47 PM
  8. ⚡

    चल

    सामान्य / चर

    यात्रा, वाहन व गतिशीलता के कार्य

    03:47 PMसे 05:13 PM

रात का चौघड़िया

सूर्य सिद्धांत पर आधारित अष्टम भाग चौघड़िया मुहूर्त

✨ 3 शुभ मुहूर्त
  1. ⚠️

    रोग

    अशुभ / त्याज्य

    रोग भय, नया कार्य वर्जित

    05:13 PMसे 06:47 PM
  2. ⚠️

    काल

    अशुभ / त्याज्य

    हानि व कलह भय, सर्वथा त्याज्य

    06:47 PMसे 08:22 PM
  3. ✨

    लाभ

    उत्तम व शुभ

    व्यापार, धन लाभ व नया कार्य आरंभ

    08:22 PMसे 09:56 PM
  4. ⚠️

    उद्वेग

    अशुभ / त्याज्य

    मानसिक अशांति, सरकारी कार्य से बचें

    09:56 PMसे 11:30 PM
  5. ✨

    शुभ

    उत्तम व शुभ

    विवाह, धार्मिक व मांगलिक कार्य

    11:30 PMसे 01:04 AM
  6. ✨

    अमृत

    उत्तम व शुभ

    सर्व कार्य सिद्धि, अमृत तुल्य फल

    01:04 AMसे 02:38 AM
  7. ⚡

    चल

    सामान्य / चर

    यात्रा, वाहन व गतिशीलता के कार्य

    02:38 AMसे 04:13 AM
  8. ⚠️

    रोग

    अशुभ / त्याज्य

    रोग भय, नया कार्य वर्जित

    04:13 AMसे 05:47 AM

संपूर्ण पंचांग देखें → · आज का राहुकाल

पंचांग से जुड़े मुख्य प्रश्नोत्तर

आज पुरी में चौघड़िया कब है?
पुरी का दिन चौघड़िया सूर्योदय से सूर्यास्त तक आठ पहरों में बँटा है। रात चौघड़िया सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक चलता है।
कौन से चौघड़िया शुभ माने जाते हैं?
अमृत, शुभ और लाभ सामान्यतः अनुकूल हैं; चर मिश्रित है; रोग, काल और उद्वेग नए काम के लिए आमतौर पर टाले जाते हैं। जहाँ हो सके राहुकाल से बाहर शुभ पहर चुनें।