आज का चौघड़िया कोलकाता — दिन और रात का चौघड़िया

17 अक्टूबर 2026 · Kolkata, West Bengal

🟢 अमृत🟢 शुभ🟢 लाभ🟡 चर🔴 रोग🔴 काल🔴 उद्वेग

दिन का चौघड़िया

सूर्य सिद्धांत पर आधारित अष्टम भाग चौघड़िया मुहूर्त

✨ 3 शुभ मुहूर्त
  1. ⚠️

    काल

    अशुभ / त्याज्य

    हानि व कलह भय, सर्वथा त्याज्य

    05:33 AMसे 07:00 AM
  2. ✨

    शुभ

    उत्तम व शुभ

    विवाह, धार्मिक व मांगलिक कार्य

    07:00 AMसे 08:27 AM
  3. ⚠️

    रोग

    अशुभ / त्याज्य

    रोग भय, नया कार्य वर्जित

    08:27 AMसे 09:54 AM
  4. ⚠️

    उद्वेग

    अशुभ / त्याज्य

    मानसिक अशांति, सरकारी कार्य से बचें

    09:54 AMसे 11:21 AM
  5. ⚡

    चल

    सामान्य / चर

    यात्रा, वाहन व गतिशीलता के कार्य

    11:21 AMसे 12:48 PM
  6. ✨

    लाभ

    उत्तम व शुभ

    व्यापार, धन लाभ व नया कार्य आरंभ

    12:48 PMसे 02:15 PM
  7. ✨

    अमृत

    उत्तम व शुभ

    सर्व कार्य सिद्धि, अमृत तुल्य फल

    02:15 PMसे 03:42 PM
  8. ⚠️

    काल

    अशुभ / त्याज्य

    हानि व कलह भय, सर्वथा त्याज्य

    03:42 PMसे 05:09 PM

रात का चौघड़िया

सूर्य सिद्धांत पर आधारित अष्टम भाग चौघड़िया मुहूर्त

✨ 4 शुभ मुहूर्त
  1. ✨

    लाभ

    उत्तम व शुभ

    व्यापार, धन लाभ व नया कार्य आरंभ

    05:09 PMसे 06:42 PM
  2. ⚠️

    उद्वेग

    अशुभ / त्याज्य

    मानसिक अशांति, सरकारी कार्य से बचें

    06:42 PMसे 08:15 PM
  3. ✨

    शुभ

    उत्तम व शुभ

    विवाह, धार्मिक व मांगलिक कार्य

    08:15 PMसे 09:49 PM
  4. ✨

    अमृत

    उत्तम व शुभ

    सर्व कार्य सिद्धि, अमृत तुल्य फल

    09:49 PMसे 11:22 PM
  5. ⚡

    चल

    सामान्य / चर

    यात्रा, वाहन व गतिशीलता के कार्य

    11:22 PMसे 12:55 AM
  6. ⚠️

    रोग

    अशुभ / त्याज्य

    रोग भय, नया कार्य वर्जित

    12:55 AMसे 02:28 AM
  7. ⚠️

    काल

    अशुभ / त्याज्य

    हानि व कलह भय, सर्वथा त्याज्य

    02:28 AMसे 04:01 AM
  8. ✨

    लाभ

    उत्तम व शुभ

    व्यापार, धन लाभ व नया कार्य आरंभ

    04:01 AMसे 05:34 AM

संपूर्ण पंचांग देखें → · आज का राहुकाल

पंचांग से जुड़े मुख्य प्रश्नोत्तर

आज कोलकाता में चौघड़िया कब है?
कोलकाता का दिन चौघड़िया सूर्योदय से सूर्यास्त तक आठ पहरों में बँटा है। रात चौघड़िया सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक चलता है।
कौन से चौघड़िया शुभ माने जाते हैं?
अमृत, शुभ और लाभ सामान्यतः अनुकूल हैं; चर मिश्रित है; रोग, काल और उद्वेग नए काम के लिए आमतौर पर टाले जाते हैं। जहाँ हो सके राहुकाल से बाहर शुभ पहर चुनें।