आज का चौघड़िया बालेश्वर — दिन और रात का चौघड़िया

3 नवंबर 2026 · Balasore, Odisha

🟢 अमृत🟢 शुभ🟢 लाभ🟡 चर🔴 रोग🔴 काल🔴 उद्वेग

दिन का चौघड़िया

स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के आठ बराबर भागों पर आधारित चौघड़िया मुहूर्त

✨ 3 शुभ मुहूर्त
  1. ⚠️

    रोग

    अशुभ / त्याज्य

    रोग भय, नया कार्य वर्जित

    05:46 AMसे 07:11 AM
  2. ⚠️

    उद्वेग

    अशुभ / त्याज्य

    मानसिक अशांति, सरकारी कार्य से बचें

    07:11 AMसे 08:36 AM
  3. ⚡

    चल

    सामान्य / चर

    यात्रा, वाहन व गतिशीलता के कार्य

    08:36 AMसे 10:00 AM
  4. ✨

    लाभ

    उत्तम व शुभ

    व्यापार, धन लाभ व नया कार्य आरंभ

    10:00 AMसे 11:25 AM
  5. ✨

    अमृत

    उत्तम व शुभ

    सर्व कार्य सिद्धि, अमृत तुल्य फल

    11:25 AMसे 12:50 PM
  6. ⚠️

    काल

    अशुभ / त्याज्य

    हानि व कलह भय, सर्वथा त्याज्य

    12:50 PMसे 02:15 PM
  7. ✨

    शुभ

    उत्तम व शुभराहुकाल

    विवाह, धार्मिक व मांगलिक कार्य

    02:15 PMसे 03:40 PM
  8. ⚠️

    रोग

    अशुभ / त्याज्य

    रोग भय, नया कार्य वर्जित

    03:40 PMसे 05:05 PM

रात का चौघड़िया

स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के आठ बराबर भागों पर आधारित चौघड़िया मुहूर्त

✨ 3 शुभ मुहूर्त
  1. ⚠️

    काल

    अशुभ / त्याज्य

    हानि व कलह भय, सर्वथा त्याज्य

    05:05 PMसे 06:40 PM
  2. ✨

    लाभ

    उत्तम व शुभ

    व्यापार, धन लाभ व नया कार्य आरंभ

    06:40 PMसे 08:15 PM
  3. ⚠️

    उद्वेग

    अशुभ / त्याज्य

    मानसिक अशांति, सरकारी कार्य से बचें

    08:15 PMसे 09:50 PM
  4. ✨

    शुभ

    उत्तम व शुभ

    विवाह, धार्मिक व मांगलिक कार्य

    09:50 PMसे 11:26 PM
  5. ✨

    अमृत

    उत्तम व शुभ

    सर्व कार्य सिद्धि, अमृत तुल्य फल

    11:26 PMसे 01:01 AM
  6. ⚡

    चल

    सामान्य / चर

    यात्रा, वाहन व गतिशीलता के कार्य

    01:01 AMसे 02:36 AM
  7. ⚠️

    रोग

    अशुभ / त्याज्य

    रोग भय, नया कार्य वर्जित

    02:36 AMसे 04:11 AM
  8. ⚠️

    काल

    अशुभ / त्याज्य

    हानि व कलह भय, सर्वथा त्याज्य

    04:11 AMसे 05:46 AM

संपूर्ण पंचांग देखें → · आज का राहुकाल

पंचांग से जुड़े मुख्य प्रश्नोत्तर

आज बालेश्वर में चौघड़िया कब है?
बालेश्वर का दिन चौघड़िया सूर्योदय से सूर्यास्त तक आठ पहरों में बँटा है। रात चौघड़िया सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक चलता है।
कौन से चौघड़िया शुभ माने जाते हैं?
अमृत, शुभ और लाभ सामान्यतः अनुकूल हैं; चर मिश्रित है; रोग, काल और उद्वेग नए काम के लिए आमतौर पर टाले जाते हैं। जहाँ हो सके राहुकाल से बाहर शुभ पहर चुनें।