जयपुर पंचांग — 25 नवंबर 2027
Jaipur · Jaipur, Rajasthan
सूर्य व चंद्र गोचर काल
06:53 AM
05:33 PM
03:57 AM
03:17 PM
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
चंद्र दिवस — सूर्य और चंद्रमा के कोणीय अंतर पर आधारित वैदिक तिथि।
नक्षत्र
चित्रा
चंद्रमा का भ्रमण क्षेत्र (27 नक्षत्रों में से वर्तमान नक्षत्र)।
वार
गुरुवार
सप्ताह का दिन — रविवार से शनिवार तक।
योग
सौभाग्य
सूर्य और चंद्रमा के देशांतर का योग (27 योगों में से एक)।
करण
गर
एक तिथि का आधा भाग (करण), जो शुभ कार्यों के निर्धारण में उपयोगी है।
राहुकाल
01:33 PM – 02:53 PM
दिन का अशुभ कालखंड। इस समय शुभ कार्य या नवीन यात्रा प्रारंभ नहीं करनी चाहिए।
दिशा शूल
दक्षिण (South)
गुरुवार को दक्षिण दिशा में यात्रा टालें। आवश्यक हो तो दही अथवा जीरा खाकर प्रस्थान करें।
आज का जयपुर पंचांग परिजनों व मित्रों को भेजें
तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का सुंदर सारांश 1-क्लिक में व्हाट्सएप पर शेयर करें
इस शहर की जानकारी
जयपुर की घड़ियाँ गुलाबी नगर के बेसिन के लिए हैं, आमेर की पहाड़ी के लिए नहीं। गोविंद देव जी और पुरानी दीवार वाला शहर पूर्वी उपनगरों से देशांतर में कुछ मिनट पश्चिम है, इसलिए यहाँ का सूर्योदय दौसा या भरतपुर से नहीं चलता। RPSC सूचना इसी ज़िले से निकलती है; हाल सितापुरा या विध्याधर नगर हो तो भी केंद्र वास्तव में दूसरे कस्बे में न हो तो जयपुर खोलें। गणगौर और तीज की भीड़ इसी शहर की तिथि समाप्ति देखती है, दिल्ली की छपी पंचांग नहीं।
पंचांग के पाँच अंग
तिथि
समाप्ति 04:20 AM
कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्र
समाप्ति 12:48 PM
चित्रा
योग
सौभाग्य
करण
गर
वार
गुरुवार
विक्रम संवत्
2084
शुभ मुहूर्त व काल
अभिजित मुहूर्त
11:52 AM – 12:35 PM
ब्रह्म मुहूर्त
05:17 AM – 06:05 AM
विजय मुहूर्त
02:00 PM – 02:42 PM
गोधूलि मुहूर्त
05:21 PM – 05:45 PM
राहुकाल
01:33 PM – 02:53 PM
गुलिक काल
09:33 AM – 10:53 AM
यमगंड
06:53 AM – 08:13 AM
पंचक
सूर्योदय के समय पंचक नहीं है
भद्रा (विष्टि करण)
सूर्योदय पर भद्रा (विष्टि करण) नहीं है
ब्रह्म, विजय और गोधूलि मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय व सूर्यास्त पर आधारित हैं। पंचक एवं भद्रा की गणना सूर्योदय कालीन नक्षत्र व करण से की गई है।
दिन का चौघड़िया
सूर्य सिद्धांत पर आधारित अष्टम भाग चौघड़िया मुहूर्त
- ✨
शुभ
उत्तम व शुभविवाह, धार्मिक व मांगलिक कार्य
06:53 AMसे 08:13 AM - ⚠️
रोग
अशुभ / त्याज्यरोग भय, नया कार्य वर्जित
08:13 AMसे 09:33 AM - ⚠️
उद्वेग
अशुभ / त्याज्यमानसिक अशांति, सरकारी कार्य से बचें
09:33 AMसे 10:53 AM - ⚡
चल
सामान्य / चरयात्रा, वाहन व गतिशीलता के कार्य
10:53 AMसे 12:13 PM - ✨
लाभ
उत्तम व शुभव्यापार, धन लाभ व नया कार्य आरंभ
12:13 PMसे 01:33 PM - ✨
अमृत
उत्तम व शुभसर्व कार्य सिद्धि, अमृत तुल्य फल
01:33 PMसे 02:53 PM - ⚠️
काल
अशुभ / त्याज्यहानि व कलह भय, सर्वथा त्याज्य
02:53 PMसे 04:13 PM - ✨
शुभ
उत्तम व शुभविवाह, धार्मिक व मांगलिक कार्य
04:13 PMसे 05:33 PM
रात का चौघड़िया
सूर्य सिद्धांत पर आधारित अष्टम भाग चौघड़िया मुहूर्त
- ✨
अमृत
उत्तम व शुभसर्व कार्य सिद्धि, अमृत तुल्य फल
05:33 PMसे 07:13 PM - ⚡
चल
सामान्य / चरयात्रा, वाहन व गतिशीलता के कार्य
07:13 PMसे 08:53 PM - ⚠️
रोग
अशुभ / त्याज्यरोग भय, नया कार्य वर्जित
08:53 PMसे 10:33 PM - ⚠️
काल
अशुभ / त्याज्यहानि व कलह भय, सर्वथा त्याज्य
10:33 PMसे 12:14 AM - ✨
लाभ
उत्तम व शुभव्यापार, धन लाभ व नया कार्य आरंभ
12:14 AMसे 01:54 AM - ⚠️
उद्वेग
अशुभ / त्याज्यमानसिक अशांति, सरकारी कार्य से बचें
01:54 AMसे 03:34 AM - ✨
शुभ
उत्तम व शुभविवाह, धार्मिक व मांगलिक कार्य
03:34 AMसे 05:14 AM - ✨
अमृत
उत्तम व शुभसर्व कार्य सिद्धि, अमृत तुल्य फल
05:14 AMसे 06:54 AM
अपनी जन्म तिथि से बनाएं सम्पूर्ण प्रीमियम वैदिक जन्म कुंडली
केवल सामान्य कुंडली नहीं — इसमें शामिल है सम्पूर्ण विंशोत्तरी महादशा व अंतर्दशा समयकाल, कालसर्प, मांगलिक, साढ़े साती व पितृ दोष विश्लेषण, शुभ रत्न, रुद्राक्ष, बीज मंत्र और करियर-विवाह-स्वास्थ्य के सटीक वैदिक उपाय।
हमारे आधिकारिक Android मोबाइल ऐप्स
वैदिक पंचांग, जन्म कुंडली, शुभ मुहूर्त एवं नित्य गृह पूजा विधि अब हमेशा आपके फोन में — बिल्कुल निःशुल्क!

पंचांग 2026: कुंडली एवं AI ज्योतिषी
दैनिक पंचांग, चौघड़िया, व्रत-त्योहार, वैदिक जन्म कुंडली एवं 24/7 AI ज्योतिषी परामर्श।
- सटीक दैनिक पंचांग व सूर्योदय गणना
- चौघड़िया, अभिजित व राहुकाल मुहूर्त
- सम्पूर्ण वैदिक जन्म कुंडली व नवमांश
- AI ज्योतिषी से करियर व विवाह मार्गदर्शन

गृह विधि: नित्य पूजा, मंत्र एवं अनुष्ठान
घर पर शास्त्रीय विधि से 27+ नित्य पूजा, प्रातः स्मरण, संध्या आरती, तुलसी दीपदान एवं सामग्री चेकलिस्ट।
- 27+ नित्य गृह पूजा एवं सरल चरण
- प्रातः स्मरण, संध्या आरती व तुलसी दीपदान
- संस्कृत श्लोक व मंत्र हिंदी अर्थ सहित
- त्योहार व पूजा सामग्री की डिजिटल चेकलिस्ट