पंचांग, कोटा
Kota · Kota, Rajasthan
सूर्य व चंद्र गोचर काल
05:39 AM
07:20 PM
12:19 PM
12:10 AM
तिथि
शुक्ल अष्टमी
चंद्र दिवस — सूर्य और चंद्रमा के कोणीय अंतर पर आधारित वैदिक तिथि।
नक्षत्र
हस्त
चंद्रमा का भ्रमण क्षेत्र (27 नक्षत्रों में से वर्तमान नक्षत्र)।
वार
गुरुवार
सप्ताह का दिन — रविवार से शनिवार तक।
योग
वरीयान्
सूर्य और चंद्रमा के देशांतर का योग (27 योगों में से एक)।
करण
विष्टि
एक तिथि का आधा भाग (करण), जो शुभ कार्यों के निर्धारण में उपयोगी है।
राहुकाल
02:12 PM – 03:55 PM
दिन का अशुभ कालखंड। इस समय शुभ कार्य या नवीन यात्रा प्रारंभ नहीं करनी चाहिए।
इस शहर की जानकारी
चंबल किनारे कोटा वह कोचिंग-शहर घड़ी है जो RPSC और RSMSSB उम्मीदवार पेपर से एक रात पहले सच में खोलते हैं। रिपोर्टिंग बोर्ड तय करता है; राहु काल यहाँ हॉस्टल से निकलने के लिए है, घंटी के लिए नहीं। केंद्र रामपुरा या औद्योगिक क्षेत्र हो तो जयपुर के आठवें भाग न चलाएँ — राजधानी से सूर्योदय कई मिनट अलग है।
पंचांग के पाँच अंग
तिथि
समाप्ति 11:06 PM
शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र
समाप्ति 04:01 AM
हस्त
योग
वरीयान्
करण
विष्टि
वार
गुरुवार
विक्रम संवत्
2085
शुभ मुहूर्त व काल
अभिजित मुहूर्त
12:02 PM – 12:57 PM
ब्रह्म मुहूर्त
04:03 AM – 04:51 AM
विजय मुहूर्त
02:47 PM – 03:41 PM
गोधूलि मुहूर्त
07:08 PM – 07:32 PM
राहुकाल
02:12 PM – 03:55 PM
गुलिक काल
09:04 AM – 10:47 AM
यमगंड
05:39 AM – 07:22 AM
पंचक
सूर्योदय के समय पंचक नहीं है
भद्रा (विष्टि करण)
सूर्योदय पर विष्टि करण (भद्रा) प्रभावी है — नया व शुभ कार्य टालने की सलाह दी जाती है
ब्रह्म, विजय और गोधूलि मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय व सूर्यास्त पर आधारित हैं। पंचक एवं भद्रा की गणना सूर्योदय कालीन नक्षत्र व करण से की गई है।
दिन का चौघड़िया
सूर्य सिद्धांत पर आधारित अष्टम भाग चौघड़िया मुहूर्त
- ✨
शुभ
उत्तम व शुभविवाह, धार्मिक व मांगलिक कार्य
05:39 AMसे 07:22 AM - ⚠️
रोग
अशुभ / त्याज्यरोग भय, नया कार्य वर्जित
07:22 AMसे 09:04 AM - ⚠️
उद्वेग
अशुभ / त्याज्यमानसिक अशांति, सरकारी कार्य से बचें
09:04 AMसे 10:47 AM - ⚡
चल
सामान्य / चरयात्रा, वाहन व गतिशीलता के कार्य
10:47 AMसे 12:30 PM - ✨
लाभ
उत्तम व शुभव्यापार, धन लाभ व नया कार्य आरंभ
12:30 PMसे 02:12 PM - ✨
अमृत
उत्तम व शुभसर्व कार्य सिद्धि, अमृत तुल्य फल
02:12 PMसे 03:55 PM - ⚠️
काल
अशुभ / त्याज्यहानि व कलह भय, सर्वथा त्याज्य
03:55 PMसे 05:38 PM - ✨
शुभ
उत्तम व शुभविवाह, धार्मिक व मांगलिक कार्य
05:38 PMसे 07:20 PM
रात का चौघड़िया
सूर्य सिद्धांत पर आधारित अष्टम भाग चौघड़िया मुहूर्त
- ✨
अमृत
उत्तम व शुभसर्व कार्य सिद्धि, अमृत तुल्य फल
07:20 PMसे 08:38 PM - ⚡
चल
सामान्य / चरयात्रा, वाहन व गतिशीलता के कार्य
08:38 PMसे 09:55 PM - ⚠️
रोग
अशुभ / त्याज्यरोग भय, नया कार्य वर्जित
09:55 PMसे 11:13 PM - ⚠️
काल
अशुभ / त्याज्यहानि व कलह भय, सर्वथा त्याज्य
11:13 PMसे 12:30 AM - ✨
लाभ
उत्तम व शुभव्यापार, धन लाभ व नया कार्य आरंभ
12:30 AMसे 01:47 AM - ⚠️
उद्वेग
अशुभ / त्याज्यमानसिक अशांति, सरकारी कार्य से बचें
01:47 AMसे 03:05 AM - ✨
शुभ
उत्तम व शुभविवाह, धार्मिक व मांगलिक कार्य
03:05 AMसे 04:22 AM - ✨
अमृत
उत्तम व शुभसर्व कार्य सिद्धि, अमृत तुल्य फल
04:22 AMसे 05:39 AM
