मेवाड़ · जयपुर

गणगौर

Gangaur

21 मार्च 2026 · जयपुर · Apna Panchang

इस तिथि का पंचांग

अपना पंचांग पर नज़दीकी शहर जयपुर है। यात्रा या पूजा से पहले उस दिन की तिथि, नक्षत्र और राहु काल देख लें।

जयपुर पंचांग, 21 मार्च 2026

क्षेत्रीय महत्व

गणगौर गौरी (पार्वती) और ईशर (शिव) का पर्व है। पूजा मेवाड़ के घर-आँगन में जड़ें रखती है, पर राजस्थान का सबसे सार्वजनिक जुलूस अब जयपुर की पुरानी नगरी से निकलता है — हाथीदांत-सी पालकियाँ, घुड़ला गीत, और लाल-गेरू वस्त्रों में विवाहिताएँ। अविवाहिताएँ अच्छे वर की कामना करती हैं; विवाहिताएँ पति की दीर्घ आयु की।

मुख्य तिथि चैत्र शुक्ल तृतीया, 21 मार्च 2026 है। उदयपुर, नाथद्वारा और छोटे मेवाड़ी कस्बे अपनी घुड़ला और मूर्ति विसर्जन की रीत रखते हैं। पंचांग लिंक हम जयपुर से जोड़ते हैं क्योंकि यात्री प्रायः वहीं सड़क-जुलूस का समय देखते हैं; क्षेत्र टैग मेवाड़ इसलिए है कि पर्व का सांस्कृतिक घर वही है।

घर छोटी ईसर-गौरी सजाते हैं, गेहूँ-गुड़ और मौसमी फूल चढ़ाते हैं, और कुछ मेवाड़ी परिवार विसर्जन से पहले सोलह दिन गिनते हैं। जयपुर का सार्वजनिक दिन छोटा है: पालकी से पहले सिटी पैलेस की ओर पहुँचें, फिर त्रिपोलिया पर खड़े हों। चित्तौड़गढ़ में घर व्रत हो तो हेडर में शहर बदलें — पालकी की घड़ी न लें।

21 मार्च का जयपुर पंचांग पढ़ें: तिथि समाप्ति, राहु काल, और पालकी निकलने से पहले शुभ घड़ी। उस सुबह पंचक या भद्रा हो तो कई परिवार व्रत रखते हैं पर मेला भीड़ में नई खरीद टालते हैं।

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